ओडिशा सरकार कटक और भुवनेश्वर के बीच **870 एकड़** में एक नया सेमीकंडक्टर हब विकसित कर रही है, जिसमें **₹30,000 करोड़** के निवेश की संभावना है। इसमें से **₹10,899 करोड़** के **5** प्रोजेक्ट्स को शुरुआती मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें RIR Power Electronics और Sancode Technologies जैसी कंपनियां शामिल हैं।
ओडिशा सरकार का लक्ष्य राज्य को भारत के सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग मैप पर लाना है। इन मंजूर किए गए प्रोजेक्ट्स में मुख्य रूप से सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) पावर डिवाइसेस और एडवांस्ड चिप पैकेजिंग पर जोर दिया गया है। RIR Power Electronics जहां SiC डिवाइसेस पर ध्यान केंद्रित करेगी, वहीं Sancode Technologies एडवांस्ड पैकेजिंग फैसिलिटी तैयार करेगी। इसके अलावा, QuadQuantum जैसी कंपनियां SiC वेफर्स के लिए उत्पादन इकाइयों पर विचार कर रही हैं।
स्किल डेवलपमेंट पर जोर
हाई-टेक प्लांट्स के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने हेतु, IIT-भुवनेश्वर में ₹452 करोड़ की लागत से एक 'नेशनल इंडस्ट्री को-डेवलपमेंट हब' बनाया जा रहा है। इसे राज्य सरकार, केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय तथा 'अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन' द्वारा फंड किया जाएगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग एक लंबा और जटिल बिजनेस है। इन प्लांट्स को भारी बिजली, पानी और स्किल्ड लेबर की जरूरत होती है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि:
- लंबा समय: इन प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह चालू होने और मुनाफे में आने में कई साल लग सकते हैं।
- कैपिटल खर्च: भारी निवेश से कंपनियों की बैलेंस शीट पर दबाव आ सकता है।
- कंपटीशन: गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्यों से कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी।
निवेशकों को सलाह है कि वे इन कंपनियों के कंस्ट्रक्शन अपडेट, सरकारी मंजूरियों और उनके कैपिटल स्पेंडिंग प्लान पर बारीकी से नजर रखें।
