Nvidia: **$500 अरब** के AI फंडिंग प्लान पर वॉल स्ट्रीट की 'ब्रेक', जानिए क्या है पेंच

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AuthorMehul Desai|Published at:
Nvidia: **$500 अरब** के AI फंडिंग प्लान पर वॉल स्ट्रीट की 'ब्रेक', जानिए क्या है पेंच

Nvidia का **$500 अरब** का महत्वाकांक्षी AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान मुश्किल में फंसा है। वॉल स्ट्रीट के बैंक कंपनी के AI चिप्स को **10 साल** के कोलैटरल (Collateral) के रूप में मानने से इनकार कर रहे हैं, क्योंकि वे इसे महज **3-4 साल** के डेप्रिसिएशन (Depreciation) वाला एसेट मानते हैं।

कोलैटरल को लेकर टकराव

Nvidia अपने AI चिप्स को 10 साल तक चलने वाले एसेट के रूप में पेश कर रही है, लेकिन बैंक इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। पारंपरिक लेंडर्स (Lenders) के अनुसार, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग हार्डवेयर का लाइफ साइकिल बहुत छोटा होता है। बैंक इसे 3 से 4 साल में डेप्रिसिएट होता हुआ देखते हैं। रिस्क मैनेजमेंट के डर से बैंक हार्डवेयर को लंबे समय के लिए कोलैटरल बनाने में झिझक रहे हैं। हालांकि Nvidia ने डील्स का 25% तक बैकस्टॉप (Backstop) करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन क्रेडिट मैनेजर अभी भी सावधानी बरत रहे हैं।

कॉन्ट्रैक्ट-बेस्ड सिक्योरिटी का नया मॉडल

अब फाइनेंसिंग का तरीका बदल रहा है। लेंडर्स अब चिप्स की वैल्यू के बजाय पक्के रेवेन्यू सोर्स पर जोर दे रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण CoreWeave की $8.5 अरब की डील है। यह डील इसलिए सफल रही क्योंकि इसे Meta जैसे टेक दिग्गजों से मिलने वाले लंबे समय के पेमेंट कमिटमेंट का भरोसा मिला था। अब यह 'कॉन्ट्रैक्ट-बेस्ड' मॉडल इंडस्ट्री का नया मानक बनता जा रहा है।

निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत

मार्केट एक्सपर्ट्स को डर है कि कहीं यह 'सर्कुलर फाइनेंसिंग' न बन जाए, जहां Nvidia खुद उन ग्राहकों को पैसा दे रहा है जो उनके चिप्स खरीद रहे हैं। अगर डेटा सेंटर की डिमांड में कमी आती है, तो यह रिस्क बढ़ सकता है। 1 अक्टूबर, 2026 तक, Nvidia के शेयर $228.38 के लेवल पर स्थिर रहे और कंपनी की मार्केट कैप $5 ट्रिलियन के पार बनी हुई है। निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी चाहिए कि क्या आने वाले समय में डील्स अधिक सख्त कॉन्ट्रैक्ट्स के साथ होती हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.