Nvidia Share Price: विश्लेषकों की राय बंटी, टारगेट ₹180 से ₹743 तक! क्या है वजह?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Nvidia Share Price: विश्लेषकों की राय बंटी, टारगेट ₹180 से ₹743 तक! क्या है वजह?

Nvidia के शेयरों को लेकर वॉल स्ट्रीट के विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। किसी का लक्ष्य ₹180 है तो कोई ₹743 तक की तेजी देख रहा है। मौजूदा समय में शेयर करीब $224 पर ट्रेड कर रहा है, और यह बड़ा अंतर AI डिमांड और वैल्यूएशन को लेकर अनिश्चितता को दर्शाता है। अब सभी की नज़रें 26 अगस्त, 2026 को आने वाली कंपनी की दूसरी तिमाही की कमाई रिपोर्ट पर हैं।

Nvidia: AI बूम में कहां खड़े हैं विश्लेषक?

दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की धूम के बीच Nvidia एक अहम खिलाड़ी है। लेकिन बाजार के विश्लेषकों की इस कंपनी पर राय बंटी हुई है। जहां औसतन Nvidia के शेयर का टारगेट प्राइस $305 से $314 के बीच है, वहीं कुछ विश्लेषक इसे ₹180 तक नीचे देख रहे हैं, जबकि कुछ का अनुमान ₹743 तक का है। यह बड़ा अंतर इस बात पर प्रकाश डालता है कि क्या कंपनी की मौजूदा ग्रोथ टिकाऊ है, या इसका वैल्यूएशन असल बिजनेस से काफी आगे निकल गया है।

निवेशकों का भरोसा और चिंता

फिलहाल Nvidia के शेयर की कीमत लगभग $224 के आसपास है, जिसने निवेशकों में उम्मीद और सावधानी, दोनों जगाई है। जो लोग आशावादी हैं, वे कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन की ओर इशारा कर रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में, कंपनी ने $81.61 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया और 75% के करीब ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखा। ये आंकड़े बताते हैं कि AI-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग अभी भी मजबूत है, और बड़ी टेक कंपनियां व डेटा सेंटर प्रोवाइडर Nvidia के ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) में भारी निवेश कर रहे हैं।

चिंताओं की जड़ें: क्या है अगली बड़ी चुनौती?

हालांकि, टारगेट प्राइस में इतना बड़ा अंतर यह भी बताता है कि कई विश्लेषक भविष्य को लेकर चिंतित हैं। एक बड़ी चिंता AI हार्डवेयर की वर्तमान मांग की स्थिरता को लेकर है। इसके अलावा, कंपनी के उन फंडिंग मॉडल्स में शामिल होने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है, जहां वह ग्राहकों को डेटा सेंटर बनाने के लिए चिप की खरीद में वित्तीय सहायता देती है। आलोचकों का कहना है कि यदि इन ग्राहकों पर वित्तीय दबाव आता है, तो यह कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू के लिए समस्याएं पैदा कर सकता है।

भू-राजनीतिक जोखिम और बाजार की आपूर्ति

इसके साथ ही, भू-राजनीतिक जोखिम भी एक लगातार चुनौती बने हुए हैं। चीन जैसे बाजारों के लिए हाई-एंड चिप्स पर निर्यात नियंत्रण से पहले ही अनिश्चितता रही है, और ऐसे नियमों में किसी भी तरह की सख्ती से बिक्री प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, अगर टेक दिग्गजों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जा रहा इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण धीमा हो जाता है या वर्तमान हाई-मार्जिन माहौल में प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, तो GPU बाजार में ओवरसप्लाई का जोखिम भी है।

भारतीय निवेशकों के लिए क्या है मायने?

हालांकि Nvidia के शेयर भारत में NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं हैं, लेकिन यह कंपनी अक्सर अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी म्यूचुअल फंड्स और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) का हिस्सा होती है। इसके अलावा, इसके हार्डवेयर का भारतीय टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर में भी तेजी से एकीकरण हो रहा है, जैसा कि स्थानीय AI प्रोजेक्ट्स के लिए Larsen & Toubro जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी में देखा गया है।

अगली बड़ी परीक्षा: कमाई की रिपोर्ट

शेयर के लिए अगली बड़ी परीक्षा 26 अगस्त, 2026 को निर्धारित दूसरी तिमाही की कमाई रिपोर्ट होगी। निवेशक और विश्लेषक संभवतः मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर ध्यान देंगे, जिसमें वर्तमान प्रॉफिट मार्जिन की स्थिरता, पार्टनर्स के साथ वित्तीय व्यवस्थाओं का प्रभाव और निर्यात नियमों पर किसी भी अपडेट की जानकारी शामिल होगी। यह रिपोर्ट तय करेगी कि शेयर अधिक आशावादी अनुमानों की ओर बढ़ता है या कम टारगेट प्राइस वाले विश्लेषकों की सावधानी को सही ठहराता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.