Nvidia ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में **$96.2 बिलियन** का धमाकेदार रेवेन्यू पेश किया है, जो सालाना आधार पर **106%** की उछाल है। इस AI बूम का असर भारत के IT सेक्टर पर भी पड़ सकता है, जहाँ निवेशक हाल ही में ग्लोबल मार्केट से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे थे।
Nvidia ने दूसरी तिमाही के नतीजों में बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी के डेटा सेंटर सेगमेंट का रेवेन्यू 117% बढ़कर $89 बिलियन पर पहुंच गया है, जो सीधे तौर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी मांग को दर्शाता है। नतीजों के बाद, कंपनी के शेयर में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान 4.7% से 6% तक की तेजी देखी गई है।
बुलिश गाइडेंस और ग्रॉस मार्जिन
कंपनी ने अगले क्वार्टर के लिए $108 बिलियन का रेवेन्यू लक्ष्य रखा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि Nvidia ने 75% का ग्रॉस मार्जिन बरकरार रखा है, जो हार्डवेयर सेक्टर में अपने आप में एक बेंचमार्क है। CEO Jensen Huang का मानना है कि कंप्यूटिंग का यह ट्रांजिशन अभी शुरुआती दौर में है और मांग आपूर्ति (supply) से कहीं ज्यादा है।
भारतीय IT सेक्टर पर असर (Impact on Indian IT)
पिछले दो महीनों में भारतीय Nifty IT इंडेक्स में 20% की तेजी आई थी, क्योंकि ग्लोबल निवेशकों ने सेमीकंडक्टर शेयरों की अस्थिरता से डरकर पैसा भारतीय IT कंपनियों में लगाया था। अब Nvidia की इस मजबूती के बाद, ग्लोबल निवेशक फिर से पैसा भारतीय सेक्टर से निकालकर ग्लोबल टेक शेयरों की ओर मोड़ सकते हैं। यह भारतीय IT वैल्यूएशन के लिए एक बड़ा 'हेडविंड' साबित हो सकता है।
बिजनेस मॉडल पर बहस
नतीजों की चमक के बीच, कंपनी के बिजनेस मॉडल पर सवाल भी उठ रहे हैं। बाजार में यह बहस तेज है कि क्या Nvidia अपने ग्राहकों को खुद फाइनेंस देकर रेवेन्यू का एक 'सर्कुलर लूप' बना रही है? मैनेजमेंट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे 'स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट' बताया है, लेकिन निवेशकों की नजर सप्लाई चेन के बॉटलनेक और कुछ गिने-चुने 'हाइपरस्केलर्स' पर निर्भरता पर बनी हुई है। आने वाले समय में ग्लोबल टेक कंपनियों का कैपिटल एक्सपेंडिचर ही बाजार की दिशा तय करेगा।
