आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दिग्गज कंपनी Nvidia जल्द ही **$6 ट्रिलियन** के मार्केट कैप के करीब पहुंच रही है। कंपनी ने **$150 बिलियन** के नए शेयर बायबैक प्रोग्राम को मंजूरी दी है, जो मैनेजमेंट का कंपनी के भविष्य पर अटूट भरोसा दिखाता है।
Nvidia Corporation अब ऐतिहासिक $6 ट्रिलियन मार्केट कैपिटलाइजेशन के आंकड़े को छूने की तैयारी में है। इस तेजी के पीछे कंपनी द्वारा घोषित $150 बिलियन का नया शेयर बायबैक प्रोग्राम एक बड़ा ट्रिगर है। इसके साथ ही, फाइनेंशियल ईयर 2028 तक के लिए कंपनी की कुल बायबैक क्षमता अब $235 बिलियन हो गई है। डेटा सेंटर हार्डवेयर की जबरदस्त मांग के बीच कंपनी का स्टॉक रिकॉर्ड ऊंचाई के पास ट्रेड कर रहा है।
बायबैक का निवेशकों पर असर
इतने बड़े पैमाने पर बायबैक प्रोग्राम का ऐलान मैनेजमेंट की भविष्य की कैश फ्लो को लेकर मजबूती का संकेत है। बाजार से अपने ही शेयर वापस खरीदकर, कंपनी बकाया शेयरों की संख्या कम करती है, जिससे अर्निंग पर शेयर (EPS) में सुधार की उम्मीद बढ़ जाती है। यह दिखाता है कि Nvidia अब केवल एक हाई-ग्रोथ स्टार्टअप नहीं, बल्कि एक कैश-जेनरेटिंग पावरहाउस बन चुकी है।
जोखिम और चुनौतियां
विकास की इस दौड़ में कंपनी के सामने कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी हैं। डेटा सेंटर्स के लिए बिजली की भारी खपत और मेमोरी प्राइजिंग में उतार-चढ़ाव सप्लाई चेन पर दबाव डाल सकते हैं, जो प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही, जैसे-जैसे कंपनी का विस्तार हो रहा है, वैश्विक स्तर पर रेगुलेटरी जांच भी एक बड़ा फैक्टर बनी हुई है।
भारतीय निवेशकों के लिए रास्ता
यह ध्यान रखना जरूरी है कि Nvidia के शेयर भारतीय एक्सचेंज (NSE या BSE) पर लिस्टेड नहीं हैं। ये केवल अमेरिका के NASDAQ पर ट्रेड होते हैं। भारतीय निवेशक अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स के जरिए इनमें निवेश कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए RBI की Liberalised Remittance Scheme (LRS) के नियमों का पालन करना होता है। निवेशकों को करेंसी में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर की लागत का ध्यान रखना चाहिए।
आगे चलकर, डेटा सेंटर की मांग और सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर नजर रखना निवेशकों के लिए अहम होगा।
