Nvidia ने अब अपनी सियासी पकड़ मजबूत करने के लिए एक एम्प्लॉई-फंडेड पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (NVPAC) का गठन किया है। यह कदम कंपनी के शानदार Q2 2027 नतीजों के तुरंत बाद उठाया गया है, जहां रेवेन्यू में **106%** की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
राजनीति में Nvidia की नई एंट्री
Nvidia ने वाशिंगटन की नीतियों को प्रभावित करने के लिए 'NVPAC' नाम की एक फेडरल पॉलिटिकल एक्शन कमिटी शुरू की है। कंपनी का लक्ष्य ट्रेड रिस्ट्रिक्शंस (Trade Restrictions) और डेटा सेंटर एनर्जी जैसी जरूरतों पर अपनी बात मजबूती से रखना है। इसी तरह की रणनीति Meta Platforms और Alphabet जैसी दिग्गज कंपनियां पहले से अपनाती रही हैं।
नतीजों का दम
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के आंकड़े काफी जबरदस्त रहे। 27 अगस्त 2026 को कंपनी ने बताया कि उनका रेवेन्यू $96.2 बिलियन पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 106% ज्यादा है। इस दमदार परफॉर्मेंस के चलते शेयर बाजार में स्टॉक 9% तक चढ़ गया।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
तेजी के बीच कंपनी के सामने कुछ बड़े सवाल भी खड़े हैं। AI हार्डवेयर में दबदबा बनाने के साथ-साथ, Nvidia पर अब रेगुलेटरी दबाव बढ़ रहा है। खासकर एडवांस्ड AI चिप्स के एक्सपोर्ट कंट्रोल (Export Controls) और जियोपॉलिटिकल तनाव कंपनी के लिए बड़ी बाधा बन सकते हैं।
इसके अलावा, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि कंपनी बड़े पैमाने पर AI इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में फाइनेंसिंग कर रही है। हालांकि इससे चिप्स की डिमांड बनी हुई है, लेकिन अगर इन प्रोजेक्ट्स में देरी होती है या डिमांड सुस्त पड़ती है, तो कंपनी की बैलेंस शीट पर क्रेडिट रिस्क का असर दिख सकता है।
