Nvidia ने अपने शेयर बायबैक प्रोग्राम में **$150 बिलियन** का इजाफा किया है। अब कंपनी का कुल बायबैक प्रोग्राम **$235 बिलियन** तक पहुंच गया है, जो फाइनेंशियल ईयर **2028** तक चलेगा।
बायबैक से निवेशकों को क्या फायदा?
कंपनी ने अपने कैपिटल रिटर्न प्रोग्राम का विस्तार करते हुए बायबैक क्षमता को $150 बिलियन बढ़ा दिया है। अब कुल ऑथराइज्ड राशि $235 बिलियन हो गई है। शेयर बायबैक का सीधा मतलब है कि कंपनी अपने सरप्लस कैश का इस्तेमाल मार्केट से खुद के शेयर खरीदने में करेगी। इससे मार्केट में उपलब्ध शेयरों की संख्या कम हो जाती है, जिसका फायदा लॉन्ग-टर्म निवेशकों को Earnings Per Share (EPS) में बढ़ोतरी के रूप में मिलता है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस
AI इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी मांग के चलते कंपनी का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है। अपनी हालिया रिपोर्ट में Nvidia ने $96.2 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 106% ज्यादा है। कंपनी का डेटा सेंटर बिजनेस इसकी मुख्य ताकत बना हुआ है, जिसने $59.7 बिलियन का नेट प्रॉफिट कमाया है। इतनी नकदी के साथ बोर्ड ने इसे बैलेंस शीट पर रखने के बजाय शेयरधारकों को वापस लौटाने का फैसला लिया है।
वैल्यूएशन का गणित
Nvidia का फॉरवर्ड Price-to-Earnings (P/E) Ratio अभी 16.5 के आसपास है, जो इसके 15 साल के औसत 30 से काफी कम है। यह एक बड़ा संकेत है कि कंपनी के मैनेजमेंट को लगता है कि मौजूदा स्टॉक प्राइस भविष्य की कमाई की क्षमता को पूरी तरह से नहीं दर्शाता है।
रिस्क फैक्टर और सतर्कता
निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी चाहिए। AI सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और कई प्रतिस्पर्धी अब खुद की Custom Silicon चिप्स बना रहे हैं। साथ ही, बड़ी टेक कंपनियों के खर्च और चिप एक्सपोर्ट से जुड़ी सरकारी नीतियों में बदलाव कंपनी के भविष्य की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं।
