Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग ने कंपनी के AI फाइनेंसिंग मॉडल का बचाव किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिकी सेमीकंडक्टर टैरिफ के नए नियमों की चर्चा जोरों पर है। कंपनी का शेयर **27 अगस्त** को शानदार नतीजों के बाद **8.74%** उछला था, लेकिन अब निवेशक बढ़ते कॉम्पिटिशन और ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी के रिस्क पर नजर बनाए हुए हैं।
फाइनेंसिंग मॉडल पर छिड़ी बहस
Nvidia के लीडरशिप ने AI फाइनेंसिंग को लेकर बाजार की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है। CEO जेन्सेन हुआंग का कहना है कि पूंजी-प्रधान (capital-intensive) AI स्टार्टअप्स को सपोर्ट करना इनोवेशन के लिए बेहद जरूरी है। आलोचक इस बात पर सवाल उठा रहे थे कि क्या छोटी कंपनियों को आर्थिक मदद देना टिकाऊ है, जो बाद में Nvidia का ही महंगा हार्डवेयर खरीदती हैं।
मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
इन विवादों के बावजूद कंपनी का मार्केट प्रदर्शन दमदार है। शानदार नतीजों के बाद 27 अगस्त, 2026 को Nvidia का शेयर 8.74% चढ़ा। कंपनी ने फिस्कल ईयर 2028 के लिए 70% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया है, जो AI इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी मांग को दर्शाता है।
बड़े जोखिम: टैरिफ और कॉम्पिटिशन
निवेशकों के लिए दो बड़े खतरे चिंता का विषय बने हुए हैं:
टैरिफ वॉर: खबरों के अनुसार, अमेरिकी सरकार नए सेमीकंडक्टर टैरिफ लाने पर विचार कर रही है, जिससे सर्वर और लैपटॉप की लागत बढ़ सकती है और ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है।
इन-हाउस चिप मेकिंग: Anthropic जैसी दिग्गज कंपनियां अब अपने खुद के AI चिप्स डिजाइन करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। यह वर्टिकल इंटीग्रेशन लॉन्ग टर्म में Nvidia की बाजार हिस्सेदारी को प्रभावित कर सकता है।
साइबर सिक्योरिटी नियमों और बदलते रेगुलेटरी माहौल के कारण ऑपरेशनल खर्चों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या Nvidia इन वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अपनी ग्रोथ रफ्तार को बनाए रख पाएगी।
