प्राइवेसी को लेकर नॉर्वे सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। देश में कैमरा-इनेबल्ड स्मार्ट ग्लास पर बैन लगाया जा सकता है, जिससे Meta और Snap जैसी दिग्गज कंपनियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
प्राइवेसी है बड़ा मुद्दा
नॉर्वे सरकार अब स्मार्ट ग्लासेस और एआई (AI) आधारित वियरेबल्स पर कड़े नियम लागू करने की योजना बना रही है। नॉर्वे की डिजिटलाइजेशन मिनिस्टर Karianne Tung ने साफ किया है कि सरकार सार्वजनिक स्थानों पर फेशियल रिकग्निशन तकनीक का उपयोग करने वाले वियरेबल्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। सरकार को डर है कि इन डिवाइस के जरिए बिना अनुमति डेटा कलेक्शन और चोरी-छिपे मॉनिटरिंग बढ़ सकती है, जो भविष्य में एक बड़ी समस्या बन सकती है।
रिटेलर्स पर दबाव
नॉर्वेजियन कंज्यूमर काउंसिल ने भी सख्ती दिखाते हुए स्थानीय रिटेलर्स से अपील की है कि जब तक सरकार की ओर से कानूनी स्पष्टता नहीं मिल जाती, तब तक इन स्मार्ट ग्लासेस की बिक्री रोक दी जाए। यह कदम Meta और Snap जैसी कंपनियों के लिए तत्काल बाजार में बाधा खड़ा कर रहा है, जो अपनी वियरेबल हार्डवेयर रेंज को तेजी से बढ़ा रही थीं।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
निवेशकों के नजरिए से यह हार्डवेयर-केंद्रित स्ट्रैटेजी के लिए एक बड़ा रेगुलेटरी रिस्क है। यदि यूरोप के अन्य देश भी नॉर्वे की राह पर चलते हैं, तो इन कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स को रीडिजाइन करना पड़ सकता है या भारी कानूनी अनुपालन (Compliance) लागत झेलनी पड़ सकती है। फिलहाल, नॉर्वे सरकार ने एक एक्सपर्ट टास्क फोर्स बनाई है जो प्राइवेसी कानूनों को इन डिवाइसेस के लिए अनुकूल बनाने पर रिपोर्ट तैयार करेगी। बाजार की नजरें अब इसी पैनल की सिफारिशों पर टिकी हैं।
