प्राइवेसी-फोकस प्लेटफॉर्म Nitter और XCancel ने अपना कामकाज हमेशा के लिए बंद कर दिया है। सोशल मीडिया दिग्गज X ने इन पर प्लेटफॉर्म पॉलिसी का उल्लंघन करने और डेटा चोरी (scraping) का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की थी।
Nitter और X (पूर्व में Twitter) का कंटेंट देखने के लिए मशहूर इन विकल्पों ने आधिकारिक तौर पर अपना सफर खत्म कर लिया है। इन दोनों प्लेटफॉर्म्स को X की ओर से 'सीज-एंड-डेसिस्ट' (cease-and-desist) नोटिस मिले थे, जिसमें कहा गया कि वे बिना अनुमति के डेटा स्क्रैपिंग कर रहे थे और प्लेटफॉर्म के सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर रहे थे।
शटडाउन का कानूनी आधार
Elon Musk के मालिकाना हक वाली X और xAI अपने डेटा इकोसिस्टम को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रही है। इन प्लेटफॉर्म्स को भेजे गए कानूनी नोटिस में Texas Harmful Access by Computer Act और federal Lanham Act का हवाला दिया गया। कंपनी का तर्क है कि ये टूल्स यूजर्स को बिना लॉग-इन किए कंटेंट देखने की सुविधा देते थे, जिससे प्लेटफॉर्म के सेशन-ट्रैकिंग कुकीज़ और विज्ञापन (ads) सर्विंग सिस्टम पर बुरा असर पड़ता था।
यूजर्स के लिए Nitter और XCancel एक वरदान थे, जो बिना ट्रैकिंग स्क्रिप्ट और बिना अकाउंट बनाए कंटेंट ब्राउज़ करने की आजादी देते थे। हालांकि, यह तरीका X के उस लक्ष्य के खिलाफ था जिसमें वह यूजर एक्टिविटी को सेंट्रलाइज करके डेटा जुटाना और विज्ञापन के जरिए कमाई करना चाहती है।
डेटा एक्सेस पर क्या होगा असर?
यह कदम X की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह थर्ड-पार्टी क्लाइंट्स और स्क्रैपर्स को पूरी तरह खत्म करना चाहती है। इससे पहले कंपनी Tweetbot और Twitterific जैसे लोकप्रिय ऐप्स को भी ब्लॉक कर चुकी है। यह कार्रवाई बताती है कि भविष्य में किसी भी बाहरी डेवलपर के लिए इस नेटवर्क के साथ जुड़ना बेहद कठिन होने वाला है।
सितंबर 2026 की शुरुआत में कानूनी सलाह के बाद इन प्लेटफॉर्म्स ने वापसी की छोटी कोशिश की थी, लेकिन बढ़ते दबाव के कारण इन्हें अंततः अपने ऑपरेशन पूरी तरह बंद करने पड़े। अब Nitter की रिपॉजिटरी को 'रीड-ओनली' (read-only) मोड पर डाल दिया गया है।
निवेशकों और बाजार पर प्रभाव
चूंकि X एक प्राइवेट कंपनी है और इसका कोई पब्लिक शेयर बाजार में मौजूद नहीं है, इसलिए निवेशकों को किसी शेयर प्राइस के उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं है। हालांकि, टेक्नोलॉजी जगत में यह घटना बड़ी बहस छेड़ रही है कि क्या बड़ी कंपनियां अब ओपन-सोर्स टूल्स को पूरी तरह खत्म करने पर आमादा हैं? यह लीगल प्रेसिडेंट भविष्य के इंडिपेंडेंट डेवलपर्स के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
