Nikkei Share Price: चिप शेयरों में बिकवाली का कहर, जापानी बाज़ार 3% टूटा!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nikkei Share Price: चिप शेयरों में बिकवाली का कहर, जापानी बाज़ार 3% टूटा!

जापान का Nikkei इंडेक्स मंगलवार को 3% से ज़्यादा लुढ़क गया। इसकी मुख्य वजह चिप से जुड़ी दिग्गज कंपनियों में भारी बिकवाली रही। अमेरिकी टेक्नोलॉजी सेक्टर की कमजोरी और आने वाले नतीजों पर निवेशकों की घबराहट ने इस गिरावट को और बढ़ा दिया।

Detailed Coverage

शेयर बाज़ार में गिरावट का दौर

मंगलवार को जापानी शेयर बाज़ार में भारी गिरावट दर्ज की गई। Nikkei इंडेक्स शुरुआती कारोबार में ही 3% से ज़्यादा फिसल गया। 0034 GMT तक, यह बेंचमार्क 3.59% गिरकर 62,599.14 पर आ गया था, जबकि व्यापक Topix इंडेक्स 2.44% घटकर 3,966.87 पर कारोबार कर रहा था। यह बड़ी गिरावट अमेरिका के बाज़ारों में टेक्नोलॉजी सेक्टर में आई कमजोरी के बाद हुई है, जहाँ ग्लोबल निवेशकों का सेंटिमेंट लगातार सतर्क बना हुआ है।

सेमीकंडक्टर स्टॉक्स पर दबाव

चिप से जुड़े कंपनियाँ, जो अक्सर अपने अमेरिकी समकक्षों के ट्रेंड को फॉलो करती हैं, सबसे ज़्यादा नुकसान में रहीं। Tokyo Electron Ltd. के शेयर 8.84% गिरे, जबकि Advantest Corp. के शेयर 7.52% टूटे। यह गिरावट फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में हालिया कमजोरी को दर्शाती है, जो 22 जून को अपने रिकॉर्ड हाई से 21% करेक्ट हो चुका है। हालांकि इस सेक्टर ने साल-दर-तारीख (YTD) में 63% का शानदार रिटर्न दिया है, लेकिन मौजूदा अस्थिरता चिप इंडस्ट्री के वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं पर चिंताओं को उजागर करती है।

बाज़ार का व्यापक सेंटिमेंट और बैंकिंग स्टॉक्स

टेक्नोलॉजी के अलावा, टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज के ज़्यादातर शेयरों में भी गिरावट देखी गई, जहाँ 1,500 लिस्टेड शेयरों में से 64% में बिकवाली हुई। यहाँ तक कि बैंकिंग स्टॉक्स भी दबाव में आ गए, जिन्होंने पहले बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के चलते निवेशकों का ध्यान खींचा था। Sumitomo Mitsui Financial Group और Mitsubishi UFJ Financial Group जैसे बड़े वित्तीय संस्थानों के शेयरों में लगभग 3% की गिरावट आई।

विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट जापान और अमेरिका दोनों की प्रमुख टेक कंपनियों की आने वाली तिमाही नतीजों (Quarterly Earnings) के मद्देनज़र है। निवेशकों की झिझक क्षेत्रीय चिंताओं से भी बढ़ रही है। इसका उदाहरण दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स में देखा गया, जो दिन की शुरुआत में 7% से ज़्यादा गिर गया था। KOSPI में यह गिरावट प्रमुख ग्लोबल अर्थव्यवस्थाओं के बीच चिप ट्रेड और सप्लाई चेन की नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय तनाव से जुड़ी है।

निवेशकों का तत्काल ध्यान आगामी टेक नतीजों पर रहेगा, जो यह स्पष्ट करेंगे कि क्या मौजूदा बाज़ार सुधार अमेरिकी टेक अस्थिरता पर एक अस्थायी प्रतिक्रिया है या सेमीकंडक्टर सेक्टर की लाभप्रदता के बारे में सेंटिमेंट में एक गहरा बदलाव है। बाज़ार प्रतिभागी आने वाले दिनों में ब्याज दरों के संबंध में बैंक ऑफ जापान से किसी भी आधिकारिक संकेत पर भी नज़र रखेंगे, क्योंकि ये वित्तीय शेयरों और व्यापक Nikkei इंडेक्स की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.