Anthropic के IPO फाइलिंग के बाद ग्लोबल निवेशकों ने अपना पैसा भारतीय IT कंपनियों से निकालकर ग्लोबल सेमीकंडक्टर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर मोड़ दिया है, जिसके चलते Nifty IT इंडेक्स में **1.5%** की गिरावट आई है।
27 अक्टूबर को Nifty IT इंडेक्स 1.5% फिसलकर 31,796.8 के स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट की मुख्य वजह Anthropic की IPO फाइलिंग है, जिसने ग्लोबल मार्केट के सेंटीमेंट को पूरी तरह बदल दिया है। निवेशक अब सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर्स के बजाय उन हार्डवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं, जो AI क्रांति के लिए रीढ़ की हड्डी मानी जा रही हैं।
ग्लोबल मार्केट में क्यों दिख रहा है क्रेज?
ग्लोबल मार्केट में पैसा उन कंपनियों की तरफ जा रहा है जो चिप्स बनाती हैं। उदाहरण के तौर पर, दक्षिण कोरिया की Samsung Electronics और SK Hynix के साथ-साथ जापान की Advantest Corporation के शेयरों में 4% से 9% तक का उछाल देखा गया है। निवेशकों का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश ही इस समय वैल्यू जेनरेट करने का सबसे सटीक रास्ता है। इसके उलट, भारतीय IT कंपनियां कोडिंग, कंसल्टिंग और मेंटेनेंस जैसी सेवाएं देती हैं, जिन्हें फिलहाल हार्डवेयर-इंटेंसिव निवेश चक्र में प्राथमिकता नहीं मिल रही है।
भारतीय कंपनियों पर दबाव
घरेलू बाजार में भी इसका असर साफ दिख रहा है। Infosys, Tata Consultancy Services और Coforge जैसे दिग्गज दबाव में हैं। विशेष रूप से Infosys का शेयर 1.58% टूटा है, जिसका एक बड़ा कारण फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस में की गई कटौती है। जब ग्रोथ को लेकर उम्मीदें कम होती हैं, तो ऐसी मार्केट रोटेशन का असर भारतीय शेयरों पर अधिक पड़ता है।
अब आगे क्या?
बता दें कि Nifty IT इंडेक्स पिछले 6 सत्रों में 14% की शानदार रैली दिखा चुका था, लेकिन यह हालिया करेक्शन एक बड़े बदलाव का संकेत है। अब निवेशकों की नजरें Amazon, Alphabet और अन्य बड़ी ग्लोबल चिपमेकर कंपनियों के नतीजों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ग्लोबल क्लाइंट्स अपने सॉफ्टवेयर बजट को बनाए रखेंगे या उनका ध्यान पूरी तरह हार्डवेयर विस्तार पर ही केंद्रित रहेगा।
