15 अक्टूबर को Nifty IT इंडेक्स **2.5%** उछलकर **30,856.90** के स्तर पर बंद हुआ। TCS और HCL Technologies के शानदार तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा जीता है, जबकि ग्लोबल मार्केट US महंगाई के दबाव में हैं।
IT सेक्टर में मजबूती की लहर
भारतीय शेयर बाजार में IT सेक्टर का प्रदर्शन काफी दमदार रहा है। Nifty IT इंडेक्स पिछले 3 दिनों में कुल 8% की बढ़त दिखा चुका है। इस रैली के पीछे सबसे बड़ी ताकत TCS और HCL Technologies द्वारा हाल ही में पेश किए गए तिमाही नतीजे हैं। निवेशक फिलहाल ग्लोबल अस्थिरता को दरकिनार कर इन कंपनियों के स्थिर फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर भरोसा जता रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट का दबाव और फेडरल रिजर्व
जहां एक तरफ भारतीय आईटी शेयर चमक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्लोबल मार्केट दबाव में हैं। सितंबर में US की महंगाई दर 3.7% रही, जिसने मार्केट में ब्याज दरें बढ़ने का डर पैदा कर दिया है। इसका सीधा असर जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में एआई-केंद्रित (AI-focused) कंपनियों पर पड़ा है, जहां बिकवाली देखने को मिली है।
निवेशकों के लिए संकेत
अब एक बड़ा शिफ्ट देखने को मिल रहा है। विदेशी निवेशक जो पहले ग्लोबल एआई कंपनियों पर दांव लगा रहे थे, अब वापस भारतीय IT सेक्टर की ओर रुख कर सकते हैं। भारतीय कंपनियां अपनी कंसिस्टेंट अर्निंग (Consistent earnings) के कारण विदेशी टेक फर्मों के मुकाबले अधिक सुरक्षित मानी जा रही हैं।
अगले कुछ दिनों में Infosys, Tech Mahindra और Wipro के नतीजे इस ट्रेंड को दिशा देंगे। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि ग्लोबल क्लाइंट्स का स्पेंडिंग बजट US ब्याज दरों के फैसलों पर निर्भर करेगा, इसलिए सतर्कता जरूरी है।
