ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के बीच Nifty IT इंडेक्स में आज बड़ी गिरावट देखी गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के चलते निवेशकों ने जमकर बिकवाली की है।
बाजार में मची बिकवाली
सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान IT सेक्टर पूरी तरह दबाव में दिखा। इंडेक्स में 2.7% की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह 15-16 सितंबर, 2026 को होने वाली फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग है, जिसमें ब्याज दरें बढ़ने का डर मार्केट पर भारी पड़ रहा है।
बड़े शेयरों का हाल
इंडेक्स के दिग्गज शेयरों में शामिल Infosys में करीब 3.8% की कमजोरी देखने को मिली। इसके साथ ही HCLTech और Tata Consultancy Services (TCS) जैसे बड़े शेयरों में भी लाल निशान के साथ कारोबार हुआ।
क्यों घबराए हुए हैं निवेशक?
इस घबराहट की जड़ फेड चेयरमैन Kevin Warsh का हालिया बयान है। उन्होंने महंगाई पर काबू पाने के लिए कड़े तेवर दिखाए हैं, जिससे मार्केट में यह धारणा मजबूत हो गई है कि इस महीने ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। भारत की आईटी कंपनियों के लिए यह एक चिंताजनक खबर है क्योंकि इनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है। वहां दरें बढ़ने का मतलब है अमेरिकी कंपनियों का लोन महंगा होना, जिसका सीधा असर उनके आईटी स्पेंडिंग बजट पर पड़ता है।
आगे की राह
टेक्निकल तौर पर भी IT इंडेक्स का स्ट्रक्चर कमजोर हुआ है। इंडेक्स अपने अहम सपोर्ट लेवल को तोड़कर नीचे आया है। अब बाजार की नजरें पूरी तरह से अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों और फेडरल ओपन मार्केट कमिटी (FOMC) की अगली चाल पर टिकी हैं। निवेशकों के लिए फिलहाल नॉर्थ अमेरिका में डिमांड और क्लाइंट बजट पर नजर रखना सबसे जरूरी होगा।
