Nifty IT Index में 3% का उछाल, भारतीय बाज़ार ने तोड़ा ग्लोबल ट्रेंड!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Nifty IT Index में 3% का उछाल, भारतीय बाज़ार ने तोड़ा ग्लोबल ट्रेंड!

बुधवार को भारतीय शेयर बाज़ारों ने ज़बरदस्त मजबूती दिखाई, जिसमें Nifty IT इंडेक्स में करीब **3%** का शानदार उछाल देखने को मिला। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल बाज़ारों की अनिश्चितता के बावजूद, निवेशकों ने भारतीय IT कंपनियों में फिर से दिलचस्पी दिखाई है। आकर्षक वैल्यूएशन, कंपनियों के अच्छे तिमाही नतीजे और दूसरे एशियाई बाज़ारों से पैसा भारत आने की उम्मीदों ने इस तेज़ी को और बल दिया है।

IT सेक्टर ने खींचा बाज़ार को!

भारतीय इक्विटी बाज़ारों ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 को एक मज़बूत रिकवरी दिखाई, जबकि ग्लोबल बाज़ार अनिश्चितता से जूझ रहे थे। BSE Sensex 827 अंकों यानी 1.07% की बढ़त के साथ 77,593 पर बंद हुआ, वहीं NSE Nifty 50 भी 218 अंक या 0.90% चढ़कर 24,203 पर आ गया। यह प्रदर्शन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच ख़ास रहा, जो $87 प्रति बैरल तक पहुँच गया था। आम तौर पर, यह भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का सबब बनता है।

IT इंडेक्स में लगातार चौथी तेज़ी!

इस तेज़ी का मुख्य कारण 'इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी' (IT) सेक्टर रहा, जहाँ Nifty IT इंडेक्स में करीब 3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह इस सेक्टर के लिए लगातार चौथे दिन की तेज़ी थी, जिसके चलते यह इंडेक्स पिछले चार दिनों में कुल 9.8% चढ़ चुका है। Tata Consultancy Services, Infosys, Wipro और HCL Technologies जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर 2% से 4% तक बढ़े। ऐसा लगता है कि निवेशक इन स्टॉक्स की ओर वापस लौट रहे हैं, क्योंकि ग्लोबल टेक स्टॉक्स में आई गिरावट के बाद अब इन्हें बेहतर वैल्यूएशन पर खरीदा जा सकता है।

नतीजों और मैक्रो फैक्टर्स का असर

इस पॉजिटिव सेंटीमेंट को मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के नतीजों से भी सहारा मिला है, जो ज़्यादातर उम्मीदों पर खरे उतरे हैं या उनसे बेहतर रहे हैं। Kotak Institutional Equities के एनालिस्ट्स का कहना है कि मार्केट को Nifty 50 कंपनियों के अर्निंग आउटलुक पर भरोसा मिल रहा है। इसकी वजह कुछ सेक्टर्स में पिछला लो बेस और बिज़नेस एक्टिविटी का लगातार ऊंचा स्तर है। इसके अलावा, जानकारों का मानना है कि दूसरे एशियाई बाज़ारों में आई गड़बड़ी, ख़ास तौर पर दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स में 5% की गिरावट, शायद कैपिटल को भारतीय इक्विटी की ओर मोड़ रही है, जिन्हें फिलहाल ज़्यादा स्टेबल माना जा रहा है।

टेक्निकल आउटलुक और आगे के जोखिम

टेक्निकल चार्ट्स पर, Nifty 50 का 24,100–24,150 के रेजिस्टेंस बैंड से ऊपर जाना एक पॉज़िटिव संकेत माना जा रहा है। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि जब तक इंडेक्स 23,880 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक नज़दीकी भविष्य में मोमेंटम मज़बूत रहेगा और यह 24,400 के स्तरों को टेस्ट कर सकता है। हालांकि, निवेशकों को बाहरी फैक्टर्स पर कड़ी नज़र रखने की सलाह दी जाती है। सबसे बड़ा जोखिम अमेरिकी फेडरल रिज़र्व का आने वाला इंटरेस्ट रेट का फैसला है। भले ही ज़्यादातर लोग दरों में कोई बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं, लेकिन किसी भी अप्रत्याशित पॉलिसी से इमर्जिंग मार्केट्स से कैपिटल बाहर निकलकर वापस यूएस एसेट्स की ओर जा सकता है, जिससे भारतीय स्टॉक्स पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, अगर कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बनी रहती हैं, तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ सकती हैं, जिससे कंपनियों के मार्जिन और निवेशकों के कॉन्फिडेंस पर असर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.