मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार 11 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जिसका मुख्य कारण Nifty IT इंडेक्स में आई **3%** की जोरदार तेजी रही। टेक शेयरों में जहां जबरदस्त उछाल दिखा, वहीं ब्रॉडर मार्केट में थोड़ी नरमी रही, जिससे मिड और स्मॉल-कैप इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। यह बड़े आईटी शेयरों और बाकी सेक्टर्स के बीच साफ अंतर दिखाता है।
आईटी शेयरों की धाकड़ चाल
मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ारों ने पिछले 11 हफ्तों की सबसे ऊंची छलांग लगाई। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर का रहा, जिसने 3% का शानदार उछाल दर्ज किया। बाजार के इस रुख के पीछे कच्चे तेल की गिरती कीमतें, बेहतर मानसून की उम्मीदें और विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी जैसे कई कारण माने जा रहे हैं।
IT सेक्टर का प्रदर्शन
Nifty IT इंडेक्स इस दौरान सबसे बड़ा परफॉर्मर रहा। Infosys, Tech Mahindra, HCL Technologies और TCS जैसी बड़ी आईटी कंपनियों ने इस तेजी का नेतृत्व किया। सिर्फ बड़ी कंपनियों ने ही नहीं, बल्कि Persistent Systems, Mphasis और Info Edge जैसी टेक से जुड़ी कंपनियों ने भी अच्छे खासे लाभ दर्ज किए। आईटी सेक्टर में आई इस मजबूती ने ही बेंचमार्क इंडेक्स को सकारात्मक बनाए रखने में मदद की।
बाजार में दिखा अंतर
हालांकि, मुख्य सूचकांकों में मजबूती के बावजूद, बाज़ार का मिजाज मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स क्रमशः 0.4% और 0.59% गिरकर बंद हुए। निवेशकों ने रियलिटी (Realty) और मेटल (Metal) जैसे सेक्टर्स से दूरी बनाई, जबकि डिफेंस सेक्टर में हालिया प्रदर्शन के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से काफी ज्यादा रही, जो इस बात का संकेत देता है कि यह रैली व्यापक आधार पर नहीं थी।
सेंटिमेंट को प्रभावित करने वाले कारक
बाजार अभी भी ग्लोबल संकेतों और घरेलू मैक्रोइकॉनॉमिक इंडिकेटर्स पर नजर बनाए हुए है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में निवेशकों की सावधानी दिखी, जहां Kospi इंडेक्स को Samsung और SK Hynix जैसी बड़ी कंपनियों की अच्छी कमाई की रिपोर्ट के बावजूद 7.6% की तेज गिरावट का सामना करना पड़ा। घरेलू स्तर पर, इंडिया VIX, जो बाजार की अस्थिरता को मापता है, तीसरे दिन 12 के निशान से नीचे बना रहा। यह दर्शाता है कि जहां बड़े आईटी शेयरों में भरोसा कायम है, वहीं बाकी बाजार बड़ी चाल चलने से पहले और स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहा है।
निवेशक अब इस बात पर ध्यान देंगे कि क्या आईटी सेक्टर की यह गति बनी रहती है या मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में कमजोरी मूल्यांकन को लेकर गहरी चिंता का संकेत देती है। आने वाले दिनों में तिमाही नतीजों और विदेशी निवेश के पैटर्न में किसी भी बदलाव पर बारीकी से नजर रखी जाएगी, जो यह तय करेगा कि मौजूदा स्तर बनाए रखे जा सकते हैं या नहीं।
