Nifty IT इंडेक्स लगातार छठे सत्र में **0.6%** गिरकर बंद हुआ है। अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका और महंगाई के दबाव के बीच, Oracle Financial Services Software के शेयरों में अपने अमेरिकी प्रोजेक्ट पर 'फोर्स मेज्योर' (force majeure) की खबर के बाद बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
भारतीय आईटी सेक्टर पर दबाव का दौर जारी है। 25 सितंबर को Nifty IT इंडेक्स 28,055.55 के स्तर पर बंद हुआ, जो इसकी लगातार छठी गिरावट है। पिछले एक हफ्ते में यह इंडेक्स लगभग 4% टूट चुका है।
अमेरिकी ब्याज दरों का असर
मार्केट की नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों पर टिकी हैं। CME FedWatch के डेटा के मुताबिक, अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना 69% है। चूंकि भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है, इसलिए वहां की महंगी दरों के कारण कॉर्पोरेट क्लाइंट्स द्वारा आईटी बजट में कटौती का डर निवेशकों को सता रहा है। इसके अलावा, क्रूड ऑयल का $100 प्रति बैरल के पार निकलना और डॉलर का मजबूत होना भी सेंटीमेंट बिगाड़ रहा है।
प्रमुख शेयरों का हाल
दिग्गज कंपनियों में Infosys के शेयर 2% और Tata Consultancy Services के शेयर 0.5% फिसल गए। वहीं, Oracle Financial Services Software (OFSS) को सबसे ज्यादा मार पड़ी, जिसके शेयर 5% टूट गए। कंपनी ने न्यू मैक्सिको में अपने डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को लेकर 'फोर्स मेज्योर' क्लॉज लागू किया है, जिसका मतलब है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में देरी के कारण कंपनी फिलहाल अपने कॉन्ट्रैक्ट दायित्वों को पूरा करने में असमर्थ है। हालांकि, बाजार की इस सुस्ती के बीच HCL Technologies, LTIMindtree और Persistent Systems ने बढ़त बनाकर दिखाई है, जो दर्शाता है कि ऑर्डर पाइपलाइन अभी भी निवेशकों के लिए भरोसा का काम कर रही है।
