The New York Times vs Brave Browser: AI डेटा चोरी के गंभीर आरोपों में फंसी कंपनी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
The New York Times vs Brave Browser: AI डेटा चोरी के गंभीर आरोपों में फंसी कंपनी

The New York Times समेत कई बड़े पब्लिशर्स ने Brave Software पर मुकदमा ठोका है। आरोप है कि कंपनी ने बिना अनुमति के **30 अरब** से ज्यादा आर्टिकल्स को स्क्रैप किया है ताकि AI मॉडल्स को ट्रेन किया जा सके।

कानूनी शिकंजे में Brave Browser

न्यूयॉर्क के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दाखिल इस मुकदमे में The New York Times के साथ New York Daily News, Chicago Tribune और Orlando Sentinel भी शामिल हैं। पब्लिशर्स का दावा है कि Brave ने अपने 'Brave Index' को बनाने के लिए बिना इजाजत वेब पेजों का डेटा चुराया है।

कमर्शियल इस्तेमाल का आरोप

शिकायत के मुताबिक, यह इंडेक्स सिर्फ सर्च का जरिया नहीं बल्कि एक कमर्शियल प्रोडक्ट है। आरोप है कि Brave इस डेटा को Anthropic, Perplexity, Mistral, xAI और Cohere जैसी AI कंपनियों को ट्रेनिंग के लिए बेचकर मुनाफा कमा रही है। इससे पब्लिशर्स के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का सीधे तौर पर उल्लंघन हो रहा है।

रेवेन्यू मॉडल को नुकसान

मुकदमे में कहा गया है कि Brave के एड-ब्लॉकिंग और पेवॉल बायपास फीचर्स पब्लिशर्स की कमाई पर सीधा हमला हैं। ये फीचर्स न केवल सब्सक्राइबर्स को न्यूज देखने से रोकते हैं, बल्कि पब्लिशर्स के विज्ञापनों को हटाकर खुद के प्रोप्राइटरी एड नेटवर्क के जरिए कमाई कर रहे हैं।

कंपनी का फाइनेंशियल स्टेटस

Brave Software एक प्राइवेट कंपनी है, जिसका साल 2025 तक का रेवेन्यू $10 करोड़ से ज्यादा बताया गया है। कंपनी के करीब 13 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स हैं। हालांकि, यह कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन इस मुकदमे से उसके बिजनेस मॉडल पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अगर अदालत ने फैसला पब्लिशर्स के हक में दिया, तो कंपनी को अपने इंडेक्सिंग सिस्टम में भारी बदलाव करना पड़ सकता है और उसे कानूनी हर्जाने का भी सामना करना पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.