न्यूयॉर्क के एक लॉमेकर ने AI पर स्थानीय प्रतिबंधों की मांग तेज कर दी है। इसके पीछे एल्गोरिदम बायस (bias) और रियल एस्टेट में धोखाधड़ी जैसे जोखिम मुख्य कारण हैं। यह कदम संघीय स्तर पर सुस्ती के बीच स्थानीय निकायों द्वारा स्वतंत्र नियमन की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है, जिससे टेक कंपनियों की लागत और कामकाज पर असर पड़ सकता है।
न्यूयॉर्क के लॉमेकर जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) ने अब AI पर नकेल कसने की मुहिम शुरू कर दी है। उनका कहना है कि संघीय एजेंसियां (Federal agencies) पर्याप्त निगरानी रखने में विफल रही हैं, इसलिए अब स्थानीय स्तर पर सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है।
स्थानीय स्तर पर कड़े फैसले
अधिकारियों ने पहले ही स्कूलों में AI टूल्स के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। वहीं, रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नए नियम बनाए गए हैं, जिसके तहत अब ब्रोकर्स और प्लेटफॉर्म्स को यह बताना अनिवार्य होगा कि क्या उन्होंने प्रॉपर्टी की तस्वीरों या लिस्टिंग के लिए AI का इस्तेमाल किया है। इसका मकसद ग्राहकों को भ्रामक विज्ञापनों से बचाना है।
निवेशकों के लिए जोखिम
तकनीकी कंपनियों के लिए यह एक बड़ा बदलाव है। यदि अन्य शहर भी न्यूयॉर्क की राह पकड़ते हैं, तो कंपनियों को हर राज्य और शहर के हिसाब से अलग-अलग नियम मानने होंगे, जिससे 'कंप्लायंस जोखिम' बढ़ेगा। इसके अलावा, नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने में देरी हो सकती है, जो कंपनियों की ग्रोथ उम्मीदों को चोट पहुंचा सकती है।
कंपनियों के वैल्यूएशन पर असर
इस पहल ने AI सेक्टर के इकोनॉमिक मॉडल पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। OpenAI और Anthropic जैसी बड़ी कंपनियां फिलहाल भारी निवेश जुटा रही हैं, लेकिन सरकार की तरफ से बढ़ती सख्ती यह संकेत देती है कि निवेशकों को अब इन कंपनियों के ग्रोथ लक्ष्यों के साथ-साथ उनके रेगुलेटरी मैनेजमेंट को भी बारीकी से देखना होगा। अगर राष्ट्रीय स्तर पर कोई स्पष्ट नीति नहीं आती है, तो यह 'अनियंत्रित तकनीक' का दौर बड़ी कंपनियों के लिए ऑपरेशनल बाधाएं पैदा कर सकता है।
