ग्लोबल टेक मार्केट में रिकवरी और Microsoft के शानदार क्लाउड ग्रोथ संकेतों के दम पर भारतीय AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स में **8%** तक की तेजी देखी गई।
AI स्टॉक्स में जोरदार रिकवरी
31 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों में शानदार रिकवरी देखने को मिली। यह तेजी ग्लोबल टेक्नोलॉजी मार्केट में आई मजबूती का असर है। Netweb Technologies के शेयर 8% से ज्यादा चढ़े, वहीं E2E Networks और Black Box के शेयरों में भी 5% और 4% की बढ़त दर्ज की गई। यह उछाल तब आया है जब पिछले हफ्ते टेक शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था और निवेशक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे भारी खर्च के मुनाफे पर सवाल उठा रहे थे।
ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेत
एशियाई सेमीकंडक्टर निर्माताओं में आई जबरदस्त रैली और Microsoft के बेहतरीन प्रदर्शन ने ग्लोबल मार्केट को सहारा दिया। दक्षिण कोरिया की चिप कंपनियों SK Hynix और Samsung Electronics 23% से ज्यादा उछले, जबकि Taiwan Semiconductor Manufacturing Co. में 10% की तेजी आई। इनগুলোর बाद वॉल स्ट्रीट चिप स्टॉक्स ने भी एक साल में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे AI सप्लाई चेन में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
डेटा सेंटर कंपनियों को भी फायदा
सॉफ्टवेयर और चिप कंपनियों के अलावा, भारतीय बाजार में पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों में भी खरीदारी देखी गई जो डेटा सेंटर के लिए जरूरी हैं। Hitachi Energy India, CG Power, और GE Vernova T&D India के शेयर 3% से 4.5% तक ऊपर गए। इन कंपनियों को डेटा सेंटर के निर्माण से सीधे फायदा हो रहा है, क्योंकि AI कंप्यूटिंग हार्डवेयर के लिए भारी बिजली की जरूरत होती है, जिसके लिए मजबूत इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है।
खर्च पर निवेशकों का बदलता नजरिया
Microsoft के हालिया फाइनेंशियल अपडेट ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है। कंपनी के क्लाउड ग्रोथ के अनुमानों के चलते Microsoft का मार्केट कैप एक दिन में लगभग $450 बिलियन बढ़ गया। यह निवेशकों के लिए अहम है क्योंकि यह दिखाता है कि AI डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग पावर पर किया जा रहा भारी-भरकम निवेश अब कमाई में बदल रहा है। इससे पहले, बाजार को चिंता थी कि कहीं यह भारी निवेश मांग से ज्यादा न हो जाए, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
फिलहाल सेंटीमेंट पॉजिटिव है, लेकिन इस रैली की मजबूती इस बात पर निर्भर करेगी कि छोटी और मझोली AI कंपनियां अपने आने वाले तिमाही नतीजों में ग्रोथ दिखा पाती हैं या नहीं। निवेशक यह भी देख रहे हैं कि ऊंची ब्याज दरों और लगातार पूंजीगत खर्च की जरूरत के बीच डेटा सेंटर क्षमता की ग्लोबल मांग कैसी बनी रहती है। भारतीय कंपनियों के लिए, ऑर्डर बुक का एग्जीक्यूशन (Execution) और एडवांस्ड हार्डवेयर व स्पेशल इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत के बावजूद प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
