अहमदाबाद की डीप-टेक स्टार्टअप Nav Wireless Technologies ने अपने पंख फैलाने की तैयारी कर ली है। कंपनी अगले 3 वर्षों में अपने कुल रेवेन्यू का **30%** हिस्सा विदेशी बाजारों से हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
ग्लोबल मार्केट की ओर कदम
अहमदाबाद स्थित कंपनी अपनी ऑप्टिकल वायरलेस कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस, जैसे कि LiFi और Free Space Optics (FSO), को अब अमेरिका, यूरोप और न्यूजीलैंड जैसे देशों में ले जाने की योजना बना रही है। कंपनी का मुख्य फोकस उन इलाकों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है जहां पारंपरिक फाइबर नेटवर्क बिछाना मुश्किल या महंगा होता है। कंपनी इन क्षमताओं का प्रदर्शन 2026 के इंडिया मोबाइल कांग्रेस में करेगी।
क्या है निवेश की स्थिति?
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि Nav Wireless एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, इसके शेयर में ट्रेडिंग का कोई विकल्प नहीं है। कंपनी अभी अपने शुरुआती दौर में है और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में लगभग ₹80 करोड़ से ₹90 करोड़ का भारी निवेश कर चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹10 करोड़ से कम रहा है, जो इसके अर्ली-स्टेज बिजनेस मॉडल को दर्शाता है।
भविष्य की चुनौतियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करना कंपनी के लिए आसान नहीं होगा। ग्लोबल मार्केट में पहले से ही कई दिग्गज टेक कंपनियां मौजूद हैं, जिनसे कड़ा मुकाबला होगा। इसके अलावा, विदेशी बाजारों के रेगुलेटरी नियमों को समझना और वहां स्थानीय पार्टनरशिप बनाना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी। बिजनेस की सफलता पूरी तरह इस पर निर्भर करेगी कि सरकारें और बड़ी कंपनियां फाइबर के विकल्प के रूप में उनकी इस लाइट-बेस्ड ट्रांसमिशन टेक्नोलॉजी को कितनी तेजी से अपनाती हैं।
