Nasdaq 6 साल के सर्वश्रेष्ठ तिमाही में 21% उछला; येन 40 साल के निचले स्तर पर

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nasdaq 6 साल के सर्वश्रेष्ठ तिमाही में 21% उछला; येन 40 साल के निचले स्तर पर

Nasdaq Composite ने 6 साल की सबसे मजबूत तिमाही का अंत **21.4%** की बढ़त के साथ किया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रति बढ़ते उत्साह से प्रेरित है। वहीं, निवेशकों के अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की तैयारी के बीच जापानी येन 40 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। भारतीय निवेशकों को टेक शेयरों और करेंसी मार्केट के इन वैश्विक रुझानों पर नजर रखनी चाहिए कि ये स्थानीय आईटी कंपनियों और विदेशी फंड फ्लो को कैसे प्रभावित करते हैं।

क्या हुआ?

Nasdaq Composite इंडेक्स ने जून में समाप्त हुई तिमाही में 21.4% की शानदार बढ़त के साथ क्लोजिंग की, जो 26,213.72 के स्तर पर पहुंचा। यह इंडेक्स का पिछले छह सालों में सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा। तिमाही के आखिरी ट्रेडिंग सेशन में 1.5% की बढ़त ने इस रैली को और मजबूती दी। Nasdaq के साथ-साथ, S&P 500 और Dow Jones Industrial Average जैसे प्रमुख अमेरिकी इंडेक्सों में भी तेजी देखी गई, जो अमेरिकी बाजारों में व्यापक सकारात्मकता को दर्शाती है।

AI स्टॉक्स ने क्यों की अगुवाई?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मौजूदा मार्केट रैली का मुख्य इंजन बना हुआ है। AI से जुड़े शेयरों के हाई वैल्यूएशन पर चल रही चर्चाओं के बावजूद, टेक शेयरों की खरीदारी का चलन पूरी तिमाही में जारी रहा। तेल की कीमतों में गिरावट ने भी इस उत्साह को बढ़ावा दिया। मध्य पूर्व में तनाव कम होने के साथ, ऊर्जा लागत में कमी की उम्मीद है, जो आने वाले महीनों में समग्र आर्थिक विकास का समर्थन कर सकती है।

येन और फेडरल रिजर्व का असर

जहां अमेरिकी शेयर बाजारों में जश्न का माहौल था, वहीं वैश्विक करेंसी मार्केट में बड़े बदलाव देखे गए। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन 40 साल के निचले स्तर पर गिर गया और 162.67 के करीब कारोबार कर रहा था। यह गिरावट काफी हद तक अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बदलती उम्मीदों से जुड़ी है। नए फेडरल रिजर्व चेयर केविन वार्श ने आक्रामक रुख का संकेत दिया है, जिससे निवेशकों को इस साल और अधिक ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद है। उच्च ब्याज दरों से प्रेरित मजबूत अमेरिकी डॉलर, अक्सर अन्य वैश्विक मुद्राओं पर दबाव बनाता है और वित्तीय बाजारों में जोखिम की भावना को प्रभावित कर सकता है।

भारतीय निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

वैश्विक बाजार के रुझानों का भारतीय निवेशकों के लिए खास महत्व है। पहला, Nasdaq का प्रदर्शन भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण सेंटीमेंट इंडिकेटर है। चूंकि भारतीय आईटी कंपनियां अपनी आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अमेरिकी टेक्नोलॉजी खर्च से कमाती हैं, इसलिए Nasdaq टेक शेयरों में लगातार तेजी घरेलू आईटी शेयरों में निवेशक के विश्वास को प्रभावित कर सकती है।

दूसरा, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और संभावित ब्याज दरों में बढ़ोतरी महत्वपूर्ण मॉनिटर करने वाले बिंदु हैं। जब अमेरिकी ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो वैश्विक निवेशक अक्सर भारत जैसे उभरते बाजारों से पूंजी निकालकर अमेरिकी संपत्तियों में निवेश करते हैं। यह फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (FII) फ्लो को प्रभावित कर सकता है, जो भारतीय शेयर बाजार में चाल के प्रमुख चालक हैं।

आखिर में, ऊर्जा की कीमतों का रुख महत्वपूर्ण होगा। चूंकि भारत कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक है, इसलिए कम तेल की कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आम तौर पर सकारात्मक होती हैं क्योंकि वे ट्रेड डेफिसिट को प्रबंधित करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। निवेशकों को यह ट्रैक करना चाहिए कि क्या ऊर्जा की कीमतों में वर्तमान नरमी जारी रहती है या नए भू-राजनीतिक मुद्दे नई मूल्य दबाव बनाते हैं।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.