NaBFID का बड़ा दांव: AI और डेटा सेंटर के लिए मंजूर किए **₹12,000 करोड़**

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
NaBFID का बड़ा दांव: AI और डेटा सेंटर के लिए मंजूर किए **₹12,000 करोड़**

National Bank for Financing Infrastructure and Development (NaBFID) ने डेटा सेंटर सेक्टर में एक बड़ी पहल की है। बैंक ने चार बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए **₹3,000 करोड़** से ज्यादा के लोन को मंजूरी दी है, जिससे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट मिलेगा।

डिजिटल क्रांति को वित्त पोषण (Funding)

NaBFID ने देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने कम से कम चार डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में ₹12,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश स्वीकृत किया है। चूंकि डेटा सेंटर में शुरुआत में जमीन, हाई-एंड सर्वर्स और कूलिंग सिस्टम पर भारी खर्च आता है, इसलिए लोन की शर्तों को बेहद आसान बनाया गया है। इसमें कंपनियों को 5 साल का ग्रेस पीरियड दिया गया है, जिसके बाद 10 साल में लोन चुकाना होगा।

क्यों अहम है यह कदम?

NaBFID के इस फैसले से साफ है कि अब डिजिटल एसेट्स को सड़कों और रेलवे जैसे ट्रेडिशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के बराबर महत्व मिल रहा है। NaBFID का अनुमान है कि मार्च 2031 तक इस सेक्टर को कुल ₹1 ट्रिलियन की फंडिंग की जरूरत पड़ सकती है।

निवेशकों के लिए रिस्क और फैक्टर्स

हालांकि यह सेक्टर ग्रोथ के लिए तैयार है, लेकिन निवेशकों को कुछ पहलुओं पर नजर रखनी चाहिए:

  • पावर कॉस्ट: डेटा सेंटर्स के लिए बिजली की लागत एक बड़ा खर्च है।
  • तकनीकी बदलाव: तेज गति से तकनीक बदलने के कारण पुराने सर्वर्स का आउटडेटेड होना मुनाफे पर असर डाल सकता है।
  • क्लाउड डिमांड: इन प्रोजेक्ट्स की सफलता पूरी तरह से क्लाउड और AI सर्विसेज की बढ़ती मांग पर टिकी है।

आने वाले समय में इन प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग और क्लाइंट्स जुटाने की रफ्तार ही तय करेगी कि यह निवेश कितना सफल साबित होता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.