जर्मन स्टार्टअप NVision ने **$155 मिलियन** की भारी फंडिंग जुटाई है। कंपनी OLED-कंपैटिबल मटेरियल का उपयोग करके क्वांटम कंप्यूटिंग हार्डवेयर बनाने की तैयारी में है और इसका मुकाबला IBM व Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों से होगा।
क्वांटम कंप्यूटिंग की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जर्मनी के स्टार्टअप NVision ने $155 मिलियन की फंडिंग हासिल की है, जिसका इस्तेमाल वे ऐसी क्वांटम चिप्स बनाने में करेंगे जो OLED स्क्रीन में इस्तेमाल होने वाले मटीरियल से बनी होंगी। कंपनी का मानना है कि इससे पारंपरिक और जटिल सेमीकंडक्टर मटीरियल से जुड़ी निर्माण बाधाओं को दूर किया जा सकेगा।
वर्टिकल इंटीग्रेशन पर दांव
NVision का लक्ष्य केवल चिप बनाना नहीं, बल्कि पूरी प्रोडक्शन चेन को खुद कंट्रोल करना है। कंपनी ने अमेरिका की चिप निर्माता कंपनी HyperLight के साथ पार्टनरशिप की है ताकि वे सीधे 'रैक-रेडी' क्वांटम सिस्टम तैयार कर सकें। यह फैसला इंडस्ट्री में काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि ज्यादातर कंपनियां सिर्फ कंपोनेंट लाइसेंसिंग पर जोर देती हैं, जबकि NVision पूरी वैल्यू चेन पर मालिकाना हक चाहती है।
चुनौतियां और मुकाबला
Abbott Laboratories जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन मिलने के बाद, कंपनी लैब रिसर्च से कमर्शियल लेवल पर शिफ्ट होने की तैयारी कर रही है। हालांकि, राह आसान नहीं है। मार्केट में Microsoft और IBM जैसी दिग्गज कंपनियां पहले से ही अरबों डॉलर का निवेश कर चुकी हैं।
क्वांटम हार्डवेयर को बड़े स्तर पर (Scale) तैयार करना हमेशा से एक मुश्किल टास्क रहा है क्योंकि इन्हें स्टेबल रखने के लिए बेहद सटीक वातावरण की जरूरत होती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या OLED आधारित यह नई तकनीक सुपरकंडक्टिंग या आयन-ट्रैप जैसी स्थापित तकनीकों को प्रदर्शन और प्रोसेसिंग स्पीड के मामले में पछाड़ पाएगी या नहीं।
