IT दिग्गज NTT DATA ने मंगलुरु में अपनी उपस्थिति को तेजी से बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी **2027** के अंत तक अपने कर्मचारियों की संख्या को **900** से बढ़ाकर **2,500** करने की योजना बना रही है, जो मुख्य रूप से AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर केंद्रित होगा।
वर्कफोर्स विस्तार की रणनीति
कंपनी ने अपने मंगलुरु सेंटर को आधुनिक तकनीकों का हब बनाने की तैयारी कर ली है। इस विस्तार का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा साइंस जैसे हाई-एंड क्षेत्रों में महारत हासिल करना है। कंपनी अब केवल बेसिक IT सर्विसेज तक सीमित न रहकर हेल्थकेयर, ऑटोमोटिव और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स की जटिल चुनौतियों को हल करने पर काम करेगी।
सरकार की डीसेंट्रलाइजेशन योजना
यह कदम कर्नाटक सरकार के 'बेंगलुरु से बाहर तकनीक' (decentralization) के विजन से पूरी तरह मेल खाता है। सरकार मंगलुरु जैसे टियर-2 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किलिंग प्रोग्राम्स के जरिए निवेश को प्रोत्साहित कर रही है ताकि टैलेंट पूल का बेहतर उपयोग हो सके।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि NTT DATA भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों (NSE या BSE) पर लिस्टेड कंपनी नहीं है। यह NTT, Inc. की सहायक इकाई है, इसलिए इस विस्तार का भारतीय शेयर बाजार में सीधे तौर पर कोई निवेश अवसर मौजूद नहीं है।
सामने चुनौतियां क्या हैं?
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती मंगलुरु जैसे शहर में 1,600 नए कुशल पेशेवरों को हायर करना और उन्हें लंबे समय तक बनाए रखना होगा। इसके अलावा, कंपनी की सफलता पूरी तरह से सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और एकेडमिक पार्टनरशिप पर निर्भर करेगी। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो अन्य ग्लोबल कंपनियां भी टियर-2 शहरों का रुख कर सकती हैं, जिससे भारत में IT इंडस्ट्री का भौगोलिक ढांचा बदल सकता है।
