Tesla Crash: NTSB की रिपोर्ट में खुलासा, ड्राइवर ने खुद बंद किया 'सेल्फ-ड्राइविंग मोड'

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Tesla Crash: NTSB की रिपोर्ट में खुलासा, ड्राइवर ने खुद बंद किया 'सेल्फ-ड्राइविंग मोड'

टेक्सास में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना मामले में, नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में हुई इस दुर्घटना के वक्त Tesla का ड्राइवर अपनी कार के 'फुल सेल्फ-ड्राइविंग' (FSD) सिस्टम को ओवरराइड कर रहा था, और उसने एक्सीलरेटर पेडल को **100%** तक दबा दिया था।

घटना का विवरण

NTSB ने टेक्सास के काटी में हुई उस घातक दुर्घटना की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट बताती है कि 44 वर्षीय ड्राइवर माइकल बटलर उस समय 70 mph से अधिक की रफ्तार से गाड़ी चला रहा था, जबकि वह 30 mph के रेजिडेंशियल जोन में था। इसी दौरान, उसने एक्सीलरेटर को पूरी तरह दबा दिया, जिससे कार का 'फुल सेल्फ-ड्राइविंग' (सुपरवाइज्ड) सॉफ्टवेयर बंद हो गया। अनियंत्रित होकर कार सड़क से उतर गई और एक घर से टकरा गई, जिसमें 76 वर्षीय मार्था एविला की दुखद मौत हो गई।

कानूनी कार्रवाई और विवाद

इस घटना के बाद ड्राइवर माइकल बटलर पर हत्या का मामला (Manslaughter charges) दर्ज किया गया है। पीड़ित परिवार ने ड्राइवर के साथ-साथ Tesla पर भी लापरवाही का मुकदमा दायर किया है। हालांकि, Tesla के CEO एलन मस्क ने पहले सोशल मीडिया पर कहा था कि कंपनी का ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार नहीं था। उनका कहना था कि यह सिस्टम रेजिडेंशियल सड़कों पर सावधानी से चलने के लिए ही डिजाइन किया गया है। NTSB का डेटा इस टक्कर की वजहों के बारे में एक तकनीकी तस्वीर पेश करता है।

ड्राइवर के दावों की जांच

जांचकर्ताओं को पता चला है कि बटलर ने दावा किया था कि वह कार के ऑटोमेटेड फीचर्स पर भरोसा करते हुए बेहोश हो गया था। लेकिन, अधिकारियों को ड्राइवर द्वारा इंटरनेट पर की गई सर्च के सबूत मिले हैं, जिसमें उसने Tesla FSD सॉफ्टवेयर की कथित 'कम आक्रामकता' के बारे में खोज की थी। ये निष्कर्ष मामले की कानूनी समीक्षा का हिस्सा हैं, जिसका मकसद यह स्पष्ट करना है कि दुर्घटना में इंसानी हस्तक्षेप ज्यादा था या ऑटोमेटेड सिस्टम की विफलता।

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

निवेशकों के लिए चिंता का विषय यह है कि ऐसी घटनाएं ड्राइवर-असिस्टेंस टेक्नोलॉजी के संबंध में नियामक जांच को बढ़ा सकती हैं और ऐसे सिस्टम का उपयोग करने वाली कंपनियों की कानूनी देनदारी तय कर सकती हैं। Tesla का कहना है कि उनका सॉफ्टवेयर हमेशा ड्राइवर की निगरानी में रहता है, लेकिन इंडस्ट्री में अब ड्राइवर की गलती और सिस्टम की विफलता के बीच अंतर पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। भविष्य में, इस मुकदमे का अंतिम फैसला और NTSB या NHTSA द्वारा सुपरवाइज्ड ड्राइविंग फीचर्स के उपयोग को लेकर जारी किए जाने वाले नए नियम निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

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