नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) जल्द ही NFC टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके PoS (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों पर ऑफलाइन UPI पेमेंट की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस नए फीचर से यूजर्स बिना एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन के भी **₹2,000** तक का पेमेंट कर पाएंगे।
Detailed Coverage
अब इंटरनेट की ज़रूरत नहीं!
अभी तक UPI से पेमेंट करने के लिए रियल-टाइम इंटरनेट कनेक्शन की ज़रूरत पड़ती थी। लेकिन NPCI की नई पहल से यह बदल जाएगा। अब NFC-इनेबल्ड PoS टर्मिनल पर आप अपने स्मार्टफोन या डिवाइस को टैप करके पेमेंट कर सकेंगे। ट्रांज़ैक्शन लोकल स्तर पर PoS टर्मिनल पर प्रोसेस होगा और नेटवर्क मिलने पर वेरिफाई हो जाएगा।
सुरक्षा के साथ सुविधा
संभावित वित्तीय और ऑपरेशनल जोखिमों को कम करने के लिए, NPCI ने प्रति ट्रांज़ैक्शन ₹2,000 की लिमिट तय की है। यह लिमिट UPI Lite की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था के अनुरूप है, जिसे पिछले साल छोटे-मोटे ऑफलाइन ट्रांज़ैक्शन के लिए लॉन्च किया गया था।
मर्चेंट्स को मिलेगी बड़ी राहत
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए मर्चेंट्स को NPCI द्वारा सर्टिफाइड PoS टर्मिनल का इस्तेमाल करना होगा। पेमेंट प्रोवाइडर्स अपनी ऐप्स को इस नए इंटरफेस के सपोर्ट के लिए अपडेट कर रहे हैं। इस रोलआउट की सफलता PoS इकोसिस्टम में हार्डवेयर अपग्रेड की स्पीड और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स की इंटीग्रेशन पर निर्भर करेगी।
डिजिटल पेमेंट को मिलेगी नई उड़ान
यह कदम UPI को कार्ड पेमेंट्स की तरह ज़्यादा वर्सटाइल बनाने की कोशिश का हिस्सा है। अब ऐसे इलाकों में भी पेमेंट करना आसान होगा जहाँ मोबाइल नेटवर्क अक्सर उपलब्ध नहीं होता, जैसे कि अंडरग्राउंड ट्रेन, फ्लाइट्स या दूरदराज के इलाके। NPCI का लक्ष्य UPI को भारत का प्राइमरी पेमेंट मेथड बनाना है। जून 2026 तक, UPI नेटवर्क ने 22.71 बिलियन ट्रांज़ैक्शन को ₹22.02 ट्रिलियन में सुगम बनाया है, जो इस इकोसिस्टम के बड़े पैमाने को दर्शाता है। ऑफलाइन क्षमताएं शुरू करना नेटवर्क की विश्वसनीयता पर निर्भरता को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
