NPCI BHIM Services Limited ने BHIM ऐप में 'MyUPI' नाम का एक AI-पावर्ड असिस्टेंट पेश किया है, जो 24/7 कस्टमर सपोर्ट देगा। यह टूल यूजर्स को पे-वेरिफिकेशन और इमरजेंसी में अकाउंट ब्लॉक करने की सुविधा देगा, जिससे डिजिटल ट्रांजेक्शन पहले से ज्यादा सुरक्षित होंगे।
24/7 AI-सपोर्ट का नया दौर
NPCI BHIM Services Limited ने अपने BHIM ऐप में 'MyUPI' नाम से एक एडवांस AI-ड्रिवन असिस्टेंट को लॉन्च किया है। यह टूल 24/7 ऑटोमेटेड सपोर्ट देने के लिए बनाया गया है, जिससे यूजर्स को पेमेंट फेल्योर या ट्रांजेक्शन ट्रैकिंग जैसी दिक्कतों के लिए अब लंबी हेल्पलाइन लाइनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल यह 5 भाषाओं (हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, तमिल और बंगाली) में उपलब्ध है।
सुरक्षा के नए फीचर्स (Safety & Security)
डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए, इस AI असिस्टेंट में दो खास फीचर्स जोड़े गए हैं:
- Pay Safe: अब ट्रांजेक्शन से पहले आप QR कोड या UPI ID के जरिए पे-वेरिफिकेशन कर सकेंगे। इससे सोशल इंजीनियरिंग या गलत भुगतान का खतरा काफी कम हो जाएगा।
- Safety Switch: यह फीचर सबसे अहम है। अगर आपका फोन चोरी हो जाता है या आपको किसी अनधिकृत गतिविधि का संदेह है, तो आप तुरंत अपने बैंक अकाउंट को इसी AI इंटरफेस के जरिए ब्लॉक कर सकते हैं।
मैंडेट मैनेजमेंट अब आसान
अब यूजर्स को अपने रिकरिंग 'UPI Autopay' मैंडेट्स को मैनेज करने के लिए अलग-अलग बैंकिंग ऐप्स पर जाने की जरूरत नहीं है। BHIM ऐप के जरिए ही आप सभी लिंक्ड बैंक अकाउंट्स के मैंडेट्स को एक ही जगह देख, पॉज या कैंसिल कर सकेंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार डिजिटल पेमेंट सेक्टर में फ्रॉड रिपोर्टिंग और मिटिगेशन को तेज करने पर जोर देता रहा है। यह पहल न केवल यूजर्स का भरोसा बढ़ाएगी, बल्कि डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और अधिक सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली बनाएगी। निवेशकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि यह टेक्नोलॉजी कितनी प्रभावी ढंग से फ्रॉड के मामलों को कम कर पाती है और यूजर रिस्पॉन्स टाइम में सुधार लाती है।
