Starlink India Entry: एलन मस्क का बड़ा आरोप, बोले- 'ओलिगार्क्स' भारत में राह रोक रहे हैं

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AuthorAditya Rao|Published at:
Starlink India Entry: एलन मस्क का बड़ा आरोप, बोले- 'ओलिगार्क्स' भारत में राह रोक रहे हैं

Elon Musk ने खुलेआम आरोप लगाया है कि कुछ बड़े बिजनेस हित Starlink को भारत में आने से रोक रहे हैं ताकि अपना एकाधिकार (monopoly) बनाए रख सकें। SpaceX ने भारत में **20** गेटवे साइट्स तैयार कर ली हैं, लेकिन सुरक्षा और स्पेक्ट्रम क्लीयरेंस का इंतजार अब भी जारी है।

बाजार में मस्क की एंट्री की राह मुश्किल

SpaceX के हेड Elon Musk ने 7 अक्टूबर, 2026 को सोशल मीडिया पर दावा किया कि कुछ अनजान बिजनेस ग्रुप्स भारत में Starlink की लॉन्चिंग में बाधा डाल रहे हैं। मस्क के अनुसार, ये ताकतें टेलीकॉम सेक्टर में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए इस प्रोसेस को जानबूझकर धीमा कर रही हैं।

ग्राउंड पर तैयारी पूरी, लेकिन फाइलों में फंसी बात

टेक्निकल तौर पर Starlink पूरी तरह तैयार दिख रही है। कंपनी ने भारत में 20 गेटवे साइट्स बना ली हैं, जिनमें सैकड़ों एंटीना लगे हैं। कंपनी ने लोकल रेगुलेटर्स के साथ डेटा लोकलाइजेशन और सिक्योरिटी कंट्रोल्स को लेकर भी बातचीत पूरी कर ली है। कंपनी को सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस का लाइसेंस तो मिल गया है, लेकिन फाइनल सिक्योरिटी क्लीयरेंस और स्पेक्ट्रम एलोकेशन की पॉलिसी अभी भी पेंडिंग है।

स्पेक्ट्रम विवाद: नीलामी या एडमिनिस्ट्रेटिव असाइनमेंट?

इंडस्ट्री में सबसे बड़ी बहस इस बात पर है कि स्पेक्ट्रम कैसे बांटा जाए। भारत की बड़ी टेलीकॉम कंपनियां नीलामी (Auction) मॉडल के पक्ष में हैं, जबकि Starlink जैसे सैटेलाइट ऑपरेटर्स इसे सीधे सरकारी आवंटन (Administrative assignment) के जरिए चाहते हैं। हालांकि सरकार ने हाल ही में एडमिनिस्ट्रेटिव असाइनमेंट का संकेत दिया है, जो सैटेलाइट कंपनियों के लिए अच्छी खबर है, लेकिन फाइनल पॉलिसी पर अभी भी मुहर नहीं लगी है।

निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर

Reliance Jio और Bharti Airtel जैसे दिग्गज पहले से ही सैटेलाइट इंटरनेट की होड़ में उतर चुके हैं। Starlink के लिए चुनौती सिर्फ रेगुलेटरी नहीं, बल्कि कमर्शियल भी है। भारत एक बेहद प्राइस-सेंसिटिव मार्केट है, जहां स्टारलिंक को फाइबर और 5G जैसी सस्ती सेवाओं से कड़ी टक्कर मिलेगी। फिलहाल, सरकार द्वारा स्पेक्ट्रम पॉलिसी पर आने वाला फैसला ही इस सेक्टर की अगली दिशा तय करेगा, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.