Mphasis ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले **9.9%** बढ़कर **$471 मिलियन** हो गया है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म TRIA और नए सौदे रहे हैं।
Detailed Coverage
AI पर दांव हुआ सफल
Mphasis ने अपने AI प्लेटफॉर्म TRIA पर फोकस बढ़ाया है, जिसका असर कंपनी की नई डील्स (deals) पर साफ दिख रहा है। इस तिमाही में कंपनी ने कुल $461 मिलियन के नए कॉन्ट्रैक्ट जीते हैं। इनमें से 63% डील्स सीधे AI से जुड़ी थीं। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि उनके कुल सेल्स पाइपलाइन का 70% हिस्सा अब AI-आधारित प्रोजेक्ट्स का है, जबकि 2024 के मध्य में यह आंकड़ा केवल 12% था। कुल मिलाकर, कंपनी की पाइपलाइन में 8% का सीक्वेंशियल (sequential) और 28% का ईयर-ऑन-ईयर (year-on-year) ग्रोथ दर्ज की गई है।
मार्जिन और प्रॉफिट पर क्या असर?
ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margin) इस तिमाही में 14.8% रहा, जो पिछले क्वार्टर के 14.4% से थोड़ा बेहतर है। हालांकि, यह कंपनी की 14.75% से 15.75% की गाइडेंस रेंज के निचले सिरे पर है। इसके पीछे हालिया एक्विजिशन (acquisitions) से जुड़े खर्चे बताए जा रहे हैं। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद, अर्निंग्स पर शेयर (Earnings Per Share - EPS) में 4% की सीक्वेंशियल गिरावट आई है और यह ₹25.6 रहा।
सेक्टर्स का प्रदर्शन
अलग-अलग सेक्टर्स में प्रदर्शन मिला-जुला रहा। टेक्नोलॉजी, मीडिया और टेलीकॉम (TMT) सेगमेंट में 16.4% की मजबूत सीक्वेंशियल ग्रोथ देखी गई। वहीं, कंपनी का सबसे बड़ा सेगमेंट, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSI), में मात्र 0.8% की मामूली ग्रोथ दर्ज हुई। इंश्योरेंस (Insurance) वर्टिकल में 3.1% की तिमाही-दर-तिमाही गिरावट आई, जो चार तिमाहियों की ग्रोथ के बाद पहली गिरावट है।
भविष्य की राह
कंपनी ने पूरे साल के लिए अपनी रेवेन्यू ग्रोथ की गाइडेंस को बरकरार रखा है, जिसमें हाई सिंगल-डिजिट से लो डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है। CEO नितिन राकेश का मानना है कि Q2 FY27 में कंपनी पिछले तीन सालों में सबसे मजबूत सीक्वेंशियल ग्रोथ देखेगी। निवेशकों को कंपनी के 80% नेट इनकम-टू-ऑपरेटिंग कैश फ्लो (net income-to-operating cash flow) कन्वर्जन रेट को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी होगी, क्योंकि डेज सेल्स आउटस्टैंडिंग (Days Sales Outstanding) बढ़कर 95 दिन हो गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 11 दिन ज्यादा है।
