Motilal Oswal का बड़ा दांव! इन Travel Tech Stocks में दिखेगी तूफानी तेजी, ₹3.84 लाख करोड़ का होगा मार्केट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Motilal Oswal का बड़ा दांव! इन Travel Tech Stocks में दिखेगी तूफानी तेजी, ₹3.84 लाख करोड़ का होगा मार्केट

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Motilal Oswal Financial Services का भारतीय ऑनलाइन ट्रैवल मार्केट पर भरोसा बढ़ा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY28 तक यह मार्केट बढ़कर **₹3.84 लाख करोड़** का हो जाएगा। TBO Tek, Ixigo और Yatra Online जैसी कंपनियों के लिए ब्रोकरेज ने पॉजिटिव आउटलुक जारी किया है, जो डिजिटल बदलावों और ग्रोथ की संभावनाओं पर आधारित है।

Motilal Oswal का ट्रैवल सेक्टर पर बुलिश नज़रिया

Motilal Oswal Financial Services ने भारतीय ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (OTA) सेक्टर के लिए एक शानदार भविष्य की तस्वीर पेश की है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY23 में ₹2.08 लाख करोड़ का अनुमानित बाजार FY28 तक बढ़कर ₹3.84 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह ट्रेडिशनल ऑफलाइन ट्रैवल एजेंट्स से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर बढ़ता झुकाव है।

अपने लेटेस्ट अपडेट में, Motilal Oswal ने TBO Tek पर अपना पॉजिटिव नज़रिया बनाए रखा है। साथ ही, Le Travenues Technology (Ixigo) और Yatra Online पर भी कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज के इंटरनल वैल्यूएशन के अनुसार, इन स्टॉक्स में तगड़ी तेजी की उम्मीद है, TBO Tek के लिए 30%, Ixigo के लिए 24% और Yatra Online के लिए 21% के अपसाइड का टारगेट दिया गया है।

डिजिटल ट्रैवल की ओर बड़ा कदम

भारतीय ट्रैवल मार्केट एक बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव से गुजर रहा है। बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम, इंटरनेट की पैठ और मोबाइल से बुकिंग की आसानी इस विस्तार के मुख्य इंजन हैं। एक समय जो मार्केट बहुत बिखरा हुआ था, अब डिजिटल प्लेटफॉर्म उसे एक साथ ला रहे हैं। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY28 तक ऑनलाइन चैनल कुल ट्रैवल मार्केट का एक बड़ा हिस्सा अपने नाम कर लेंगे, क्योंकि बड़े शहरों और छोटे कस्बों के ज़्यादा से ज़्यादा ट्रैवलर्स प्लानिंग और बुकिंग के लिए डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करेंगे।

कंपनियों पर खास फोकस

ब्रोकरेज द्वारा बताई गई हर कंपनी ने कॉम्पिटिटिव स्पेस में अपनी एक अलग पहचान बनाई है:

TBO Tek खास फोकस में है, खासकर इसके B2B प्लेटफॉर्म की वजह से जो ट्रैवल एजेंट्स को सपोर्ट करता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी अपने बिजनेस-टू-बिजनेस ट्रांजैक्शंस के बढ़ते स्केल और मार्जिन में लगातार सुधार से फायदा उठाएगी।

Ixigo एक टेक-फॉरवर्ड प्लेयर के तौर पर उभरा है, जिसकी बजट ट्रैवल, ट्रेन और बस बुकिंग में मजबूत पकड़ है। इसकी रणनीति AI-एनेबल्ड सर्विसेज और यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस का उपयोग करके प्राइस-सेंसिटिव ट्रैवल सेगमेंट को टारगेट करना है।

Yatra Online कॉर्पोरेट ट्रैवल सॉल्यूशंस पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। बिजनेस क्लाइंट्स की सेवा करके, कंपनी एक रेकरिंग रेवेन्यू स्ट्रीम बनाने का लक्ष्य रखती है, जिसे ब्रोकरेज प्योर-प्ले कंज्यूमर ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स की तुलना में एक स्ट्रेटेजिक डिफरेंशिएटर मानता है।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

भले ही ग्रोथ प्रोजेक्शन पॉजिटिव हों, निवेशकों को ट्रैवल सेक्टर की कॉम्पिटिटिव और ऑपरेशनल हकीकतों पर भी गौर करना चाहिए। यह इंडस्ट्री बेहद कॉम्पिटिटिव है, जिसमें MakeMyTrip जैसे दिग्गज अभी भी अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए हुए हैं। यह कंपटीशन अक्सर कंपनियों को मार्केट शेयर बनाए रखने या बढ़ाने के लिए मार्केटिंग और कस्टमर एक्विजिशन पर भारी खर्च करने पर मजबूर करता है।

रेगुलेटरी और ऑपरेशनल रिस्क पर भी नज़र रखना ज़रूरी है। ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स डेटा-सेंसिटिव माहौल में काम करते हैं। कंपनियों को डेटा प्राइवेसी, कंज्यूमर प्रोटेक्शन और Competition Commission of India जैसी बॉडीज से संभावित एंटीट्रस्ट स्क्रूटनी से जुड़े रेगुलेशंस का पालन करना होगा। इसके अलावा, ट्रैवल प्लानिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से एकीकरण एक अवसर और जोखिम दोनों है; जहां यह एफिशिएंसी बढ़ा सकता है, वहीं कंपनियों को ऑब्सोलेट होने से बचने के लिए लगातार इनोवेट करने की भी आवश्यकता होगी।

आगे निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए?

निवेशकों को कुछ प्रमुख फैक्टर पर नज़र रखनी चाहिए जो इन कंपनियों के परफॉर्मेंस को प्रभावित करेंगे:

टेक-रेट और कमीशन: ये OTAs द्वारा बुकिंग पर कमाए जाने वाले मुख्य शुल्क हैं। कंपटीशन या सप्लायर नेगोशिएशन के कारण इन रेट्स पर किसी भी दबाव का सीधा असर प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ सकता है।

कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (CAC): हाई मार्केटिंग स्पेंड OTAs के लिए एक आम चुनौती है। यह ट्रैक करना ज़रूरी है कि कंपनियां भारी डिस्काउंट पर निर्भर हुए बिना ऑर्गेनिक रूप से ग्राहकों को बनाए रखने में कितनी सफल हो रही हैं।

रेगुलेटरी अपडेट्स: डेटा प्रोटेक्शन कानूनों में बदलाव या डिजिटल कंपटीशन को नियंत्रित करने वाले नए नियम ऑपरेशनल कॉस्ट और स्ट्रेटेजी को प्रभावित कर सकते हैं।

टेक्नोलॉजिकल एडॉप्शन: ये कंपनियां यूजर एक्सपीरियंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए AI को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती हैं, यह आने वाले वर्षों में एक प्रमुख डिफरेंशिएटर साबित होगा।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.