Monday.com कंपनी ने अपने 20% ग्लोबल कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया है। इसमें 600 से ज़्यादा लोगों की नौकरी जाएगी। कंपनी अब AI पर आधारित प्रोडक्ट ग्रोथ पर अपना फोकस बढ़ाएगी।
Detailed Coverage
AI पर फोकस के लिए बड़े कदम
सोमवार.कॉम (Monday.com), जो वर्क मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी है, ने एक बड़े रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) का ऐलान किया है। कंपनी अपने लगभग 20% ग्लोबल कर्मचारियों को निकाल रही है, जिसका मतलब है 600 से ज़्यादा लोगों को नौकरी से हटाया जाएगा। यह जानकारी कंपनी ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (U.S. Securities and Exchange Commission) को फाइलिंग में दी है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला AI-फर्स्ट (AI-first) मॉडल की ओर बढ़ने की रणनीति का हिस्सा है।
लागत में कटौती नहीं, स्ट्रैटेजी में बदलाव
कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि छंटनी का मकसद सीधे तौर पर लागत कम करना या ऑटोमेशन से लोगों को बदलना नहीं है। बल्कि, यह संगठनात्मक ढांचे को नए प्रोडक्ट और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी के मुताबिक ढालने के लिए किया जा रहा है। पिछले एक साल से कंपनी अपने प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इंटीग्रेट (Integrate) करने पर काम कर रही है। इतने कर्मचारियों के जाने के बावजूद, कंपनी को उम्मीद है कि 2026 में पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू में 20% की ग्रोथ देखने को मिलेगी। इस रीस्ट्रक्चरिंग की वजह से कंपनी को $45 मिलियन से $55 मिलियन तक का चार्ज आ सकता है।
टेक इंडस्ट्री में AI का बढ़ता दबदबा
यह छंटनी ऐसे समय में हुई है जब कई टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर अपना पैसा और रिसोर्स लगा रही हैं। अमेरिका के टेक सेक्टर में इस साल लगभग 1,40,000 नौकरियों में कटौती हुई है, जिसमें Amazon, Oracle, Meta और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। हालांकि, ऐसा देखा गया है कि AI से जुड़ी छंटनी की घोषणा के बाद, इन कंपनियों के शेयर की परफॉरमेंस (Performance) कभी-कभी Nasdaq इंडेक्स से पीछे रह जाती है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
इंडस्ट्री में हायरिंग (Hiring) के ट्रेंड्स भी अलग-अलग देखने को मिल रहे हैं। जहां कुछ बड़ी टेक कंपनियां कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं, वहीं OpenAI और Anthropic जैसी AI-फोक्स्ड (AI-focused) कंपनियां स्टाफ बढ़ा रही हैं। Meta और IBM जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों को AI-स्पेसिफिक (AI-specific) रोल्स में री-डिप्लॉय (Redeploy) करने का रास्ता चुना है।
निवेशकों को अब कंपनी के नेट प्रॉफिट मार्जिन (Net Profit Margins) पर रीस्ट्रक्चरिंग कॉस्ट (Restructuring Cost) के असर पर नजर रखनी होगी। यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी कम कर्मचारियों के साथ 20% रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य हासिल कर पाती है या नहीं।
