Mohalla Tech ने वित्त वर्ष **2026** में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना रेवेन्यू **₹1,016 करोड़** तक पहुंचा दिया है। कंपनी अपने माइक्रो-ड्रामा बिजनेस के दम पर मुनाफे के रास्ते पर आगे बढ़ रही है और **2027** के अंत तक आईपीओ (IPO) लाने की योजना बना रही है।
मुनाफे की ओर बढ़ते कदम
ShareChat, Moj और QuickTV जैसी दिग्गज प्लेटफॉर्म्स की पेरेंट कंपनी Mohalla Tech अब पूरी तरह से प्रॉफिटेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने ₹1,016 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में 40% ज्यादा है। यह बताता है कि कंपनी अब बाहरी फंडिंग पर निर्भर रहने के बजाय खुद कैश जेनरेट करने के मॉडल की तरफ शिफ्ट हो रही है।
फाइनेंशियल्स का असली सच
निवेशकों को कंपनी के नतीजों को गहराई से समझना होगा। जहां एक ओर कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को बेहतर किया है और एडजस्टेड EBITDA लॉस 58% घटकर ₹91 करोड़ रह गया है, वहीं नेट लॉस बढ़कर ₹1,978 करोड़ तक पहुंच गया है। इसका मुख्य कारण ESOPs और फॉरेन एक्सचेंज जैसे नॉन-कैश अकाउंटिंग खर्चे हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में EBITDA पॉजिटिव होने का दावा किया है और उन्हें उम्मीद है कि इस साल के अंत तक लगभग ₹25 करोड़ का EBITDA हासिल हो जाएगा।
माइक्रो-ड्रामा का जादू
कंपनी की इस ग्रोथ में 'माइक्रो-ड्रामा' कंटेंट का बड़ा हाथ है। QuickTV और Moj+ के जरिए कंपनी ने पहले ही साल में ₹293 करोड़ का रेवेन्यू जुटाया है। इन प्लेटफॉर्म्स पर रोजाना 1 अरब से भी ज्यादा व्यूज आ रहे हैं, जिससे विज्ञापन के लिए बड़ी इन्वेंट्री तैयार हो गई है। सब्सक्राइब-आधारित मॉडल अपनाकर कंपनी अब उन प्रीमियम एडवरटाइज़र्स को भी आकर्षित कर रही है, जो पहले सिर्फ ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर ही खर्च करते थे।
आईपीओ की राह
फिलहाल Mohalla Tech एक प्राइवेट कंपनी है और इसके शेयर NSE या BSE पर ट्रेड नहीं होते हैं। लेकिन कंपनी ने 2027 के अंत तक संभावित आईपीओ (IPO) लाने के संकेत दिए हैं। आने वाले समय में निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि माइक्रो-ड्रामा मॉडल कितना टिकता है और कंपनी अपने ऑपरेशंस को नेट प्रॉफिट में कैसे बदलती है।
