Consumer electronics ब्रांड Mivi अब केवल असेंबली तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनी ने स्मार्टफोन के लिए अपना खुद का इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) विकसित करने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत Mivi One 5G के साथ हो रही है, जिसका उद्देश्य विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता को कम करना है।
गहरे टेक की ओर बढ़ते कदम
हैदराबाद स्थित Mivi अब बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली से निकलकर डीप-टेक इंजीनियरिंग की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी, जो अब तक अपने ऑडियो प्रोडक्ट्स के लिए जानी जाती थी, अब अपने नए स्मार्टफोन लाइन के लिए सर्किट बोर्ड डिजाइन और डिवाइस सॉफ्टवेयर जैसी अपनी खुद की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी बनाने पर फोकस कर रही है।
Mivi One 5G के साथ नई शुरुआत
कंपनी ने Mivi One 5G के साथ स्मार्टफोन सेगमेंट में अपनी दस्तक दी है। इन-हाउस डिजाइन विकसित करके कंपनी विदेशी टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहती है। यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि पिछले एक दशक से कंपनी मुख्य रूप से ऑडियो पेरिफेरल्स बनाने का काम कर रही थी।
क्या चुनौतियां होंगी सामने?
भारत का स्मार्टफोन बाजार काफी प्रतिस्पर्धी है, जहां बड़े वैश्विक और घरेलू खिलाड़ी पहले से ही मौजूद हैं। ऑडियो सेगमेंट से स्मार्टफोन सेगमेंट में जाने के लिए कंपनी को भारी कैपिटल इन्वेस्टमेंट और आरएंडडी (R&D) क्षमता की जरूरत होगी। कंपनी का लक्ष्य अगले 3 साल में अपने वर्कफोर्स को 10,000 कर्मचारियों तक बढ़ाना है, जो इस विस्तार की आक्रामक योजना को दर्शाता है।
रिस्क मैनेजमेंट और डिस्ट्रीब्यूशन
इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर स्पेस में सप्लाई चेन की अनिश्चितता एक बड़ा रिस्क है। इससे बचने के लिए कंपनी ने पहले ही मेमोरी इन्वेंट्री को सिक्योर कर लिया है। वहीं, डिस्ट्रीब्यूशन के लिए शुरुआत में Flipkart पर फोकस रहेगा, लेकिन कंपनी जल्द ही हाइब्रिड मॉडल अपनाएगी, जिसमें रीजनल रिटेल पार्टनरशिप और फिजिकल एक्सपीरियंस सेंटर खोले जाएंगे। भविष्य में कंपनी की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि वह इतनी भीड़भाड़ वाले बाजार में अपनी जगह कैसे बनाती है।
