जापानी कंपनी Mitsubishi Chemical Group पश्चिम बंगाल में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की संभावना तलाश रही है। कंपनी के अधिकारी राज्य के मंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं, जो दुर्गापुर और पानागढ़ जैसे क्षेत्रों में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स को आकर्षित करने की सरकार की मंशा को दर्शाता है।
पश्चिम बंगाल में सेमीकंडक्टर प्लांट की चर्चा
Mitsubishi Chemical Group वर्तमान में पश्चिम बंगाल सरकार के साथ राज्य में सेमीकंडक्टर निर्माण सुविधा स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा कर रही है। जापानी समूह के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने बुधवार को नबान्न में राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय से मुलाकात कर इस प्रोजेक्ट को लेकर औपचारिक बातचीत शुरू की। उम्मीद है कि कंपनी इस महीने के अंत में आगे की चर्चाओं के लिए राज्य का दौरा करेगी।
सेमीकंडक्टर निर्माण पर रणनीतिक फोकस
पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कदम रखने की अपनी मजबूत मंशा जाहिर की है। अपने नवीनतम बजट में, राज्य ने दुर्गापुर और पानागढ़ को सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में नामित किया है, जिसमें भूमि की उपलब्धता को एक प्रमुख लाभ बताया गया है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक अपने औद्योगिक प्रोफाइल को बदलना है, और वैश्विक प्रौद्योगिकी खिलाड़ियों को आकर्षित करना इस रणनीति का एक केंद्रीय स्तंभ है। इन महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए, सरकार ₹5,000 करोड़ के निवेश संवर्धन ढांचे पर काम कर रही है, जो ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और डेटा सेंटर्स के लिए भी प्रोत्साहन प्रदान करेगा।
Mitsubishi Chemical के ऑपरेशंस का संदर्भ
Mitsubishi Chemical Group एक वैश्विक इकाई है जिसकी FY25 में वार्षिक आय $22 बिलियन से अधिक है। हालांकि कंपनी विशेष रसायनों (specialty chemicals) और उन्नत सामग्रियों के लिए जानी जाती है, यह वेफर उत्पादन के लिए आवश्यक प्रक्रिया सामग्री (process materials) और उपभोज्य (consumables) प्रदान करके सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। Mitsubishi के लिए, यह इस क्षेत्र में वापसी होगी, क्योंकि समूह पहले पश्चिम बंगाल में शुद्ध टेरेफ्थेलिक एसिड (purified terephthalic acid) के उत्पादन से जुड़ी एक सहायक कंपनी संचालित करता था।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य और जोखिम
इस प्रोजेक्ट को सुरक्षित करना निश्चित नहीं है, क्योंकि पश्चिम बंगाल को भारत के अन्य राज्यों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। Mitsubishi Chemical Group कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं का पता लगा रही है, जिसमें हाल ही में असम सरकार के साथ सेमीकंडक्टर और केमिकल इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अवसरों को लेकर हुई चर्चाएं भी शामिल हैं।
निवेशकों और पर्यवेक्षकों के लिए, मुख्य निगरानी बिंदु भारत की सेमीकंडक्टर नीति की प्रतिस्पर्धी प्रकृति बनी हुई है। अंतिम निर्णय संभवतः राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले विशिष्ट प्रोत्साहन पैकेज, बुनियादी ढांचे की तैयारी और दीर्घकालिक नीति स्पष्टता पर निर्भर करेगा। इसके अतिरिक्त, कंपनी एक नई स्टार्टअप नीति पर भी काम कर रही है, जिसके अगले तीन महीनों के भीतर जारी होने की उम्मीद है। इन चर्चाओं का परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि राज्य प्रतिस्पर्धी स्थानों द्वारा पेश किए जाने वाले लॉजिस्टिकल और वित्तीय प्रोत्साहनों का कितनी प्रभावी ढंग से मिलान कर पाता है।
