Microsoft के CEO सत्य नडेला ने AI सिस्टम्स में 'इमरजेंसी ब्रेक' लगाने का सुझाव दिया है, जिससे इंसानी दखल मुमकिन हो सके। इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में **2.38%** की तेजी दिखी और स्टॉक **$535.07** पर पहुंच गया।
क्या है नडेला का 'इमरजेंसी ब्रेक' प्लान?
Microsoft के CEO सत्य नडेला ने AI सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने AI सिस्टम्स में ऐसे 'इमरजेंसी ब्रेक' लगाने की बात कही है, जिससे किसी भी ऑटोनॉमस (autonomous) काम के बीच में इंसान उसे रोक सके या पूरी तरह बंद कर सके। नडेला का मानना है कि AI को 'ब्लैक-बॉक्स' की तरह इस्तेमाल करने के बजाय, इसे पारदर्शी और मानव नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी है।
बाजार पर असर और निवेशकों की चिंताएं
इस बयान के बाद मार्केट ने पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया और Microsoft के शेयर 2.38% बढ़कर $535.07 पर बंद हुए। हालांकि, निवेशकों की नजर कंपनी के बढ़ते कैपिटल एक्सपेंडिचर पर भी है। कंपनी ने हालिया फाइनेंशियल ईयर में $331.84 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो 17.79% की बढ़ोतरी है। यह ग्रोथ डेटा सेंटर्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश की बदौलत आई है, जिसका दबाव कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर साफ दिख रहा है।
रिस्क और रेगुलेटरी सख्ती
निवेशकों के लिए कुछ चुनौतियां अब भी बरकरार हैं। Microsoft का OpenAI के साथ गहरा रिश्ता है, जो किसी भी बड़े बदलाव की स्थिति में स्ट्रैटेजिक रिस्क पैदा कर सकता है। इसके अलावा, AI के डेटा इस्तेमाल को लेकर जारी कानूनी मुकदमे और बढ़ते रेगुलेटरी दबाव पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है।
भारत में भी AI को लेकर सख्ती बढ़ रही है। हाल ही में SEBI ने सभी ट्रेडिंग मेंबर्स और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस को यह आदेश दिया है कि वे AI और मशीन लर्निंग मॉडल्स के उपयोग की जानकारी 15 अक्टूबर 2026 तक एक्सचेंजों को दें। यह साफ दिखाता है कि दुनिया भर के रेगुलेटर्स अब तकनीक की पारदर्शिता को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहते।
