Microsoft के Windows ऑपरेटिंग सिस्टम का ग्लोबल डेस्कटॉप मार्केट शेयर जून 2026 में गिरकर **56.55%** पर आ गया है। हालांकि, Windows अभी भी मार्केट लीडर है, लेकिन macOS और Linux जैसे प्लेटफॉर्म्स का बढ़ता दबदबा यूजर की बदलती पसंद को दिखा रहा है।
Microsoft के Windows ऑपरेटिंग सिस्टम ने अपने ग्लोबल डेस्कटॉप मार्केट शेयर में एक बड़ी गिरावट दर्ज की है, जो पहली बार 60% के स्तर से नीचे चला गया है। StatCounter के जून 2026 के वेब ट्रैफिक डेटा के अनुसार, Windows का इस्तेमाल 56.55% रहा। ये आंकड़े भले ही ये बताते हों कि Windows अभी भी डेस्कटॉप मार्केट में सबसे बड़ा हिस्सा रखता है, लेकिन ये ट्रेंड दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम्स की ओर धीरे-धीरे शिफ्ट हो रहे यूजर बेस की ओर इशारा कर रहा है।
कॉम्पिटिशन में कौन-कौन?
हालिया आंकड़ों के अनुसार, Apple के डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम्स (macOS और OS X) का कंबाइंड ग्लोबल यूसेज शेयर 16% से ऊपर चला गया है। OS X का हिस्सा 11.89% और macOS का 4.48% रहा। वहीं, Linux ने 4.36% डेस्कटॉप ट्रैफिक पर कब्जा किया है, जबकि Chrome OS 1.21% पर बना हुआ है।
यह समझना ज़रूरी है कि ये आंकड़े वेब एनालिटिक्स पर आधारित हैं, न कि सीधे तौर पर एक्टिव डिवाइस की गिनती पर। इसके अलावा, जून में 20% से ज़्यादा डेस्कटॉप ट्रैफिक 'Unknown' कैटेगरी में रहा, जो प्राइवेसी टूल्स या अनआइडेंटिफाइड डिवाइसेस के कारण हो सकता है। इससे पता चलता है कि असल में Windows वाले डिवाइसेस की संख्या वेब यूसेज डेटा से ज़्यादा हो सकती है।
स्ट्रैटेजिक बदलाव और सपोर्ट का रिस्क
मार्केट शेयर में ये गिरावट ऐसे समय में आई है जब Microsoft अपने यूजर्स के लिए एक बड़े ट्रांज़िशन को मैनेज कर रहा है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर Windows 10 के लिए सपोर्ट 14 अक्टूबर, 2025 को खत्म करने की घोषणा की है। यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि सिक्योरिटी अपडेट्स बनाए रखने के लिए एंटरप्राइज और इंडिविजुअल यूजर्स को Windows 11 में अपग्रेड करना होगा।
Microsoft अभी योग्य यूजर्स को नए ऑपरेटिंग सिस्टम पर माइग्रेट करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। जिन ऑर्गेनाइजेशन्स या यूजर्स की समय सीमा तक माइग्रेट नहीं कर पाते, उनके लिए कंपनी एक्सटेंडेड सिक्योरिटी अपडेट्स (Extended Security Updates) का पेड प्रोग्राम ऑफर कर रही है। इस माइग्रेशन प्रोसेस की सफलता एक अहम पहलू है, जो सीधे तौर पर कंपनी के बड़े यूजर बेस को बनाए रखने और सर्विस रेवेन्यू को प्रभावित करता है। इन्वेस्टर्स इस बात पर नज़र रख सकते हैं कि Microsoft अपने मौजूदा यूजर्स को Windows 11 में कितनी प्रभावी ढंग से बदलता है और क्या यह ट्रांज़िशन पीरियड लॉन्ग-टर्म कस्टमर लॉयल्टी को बदलता है या कॉम्पिटिटिव प्लेटफॉर्म्स की ओर तेज़ी से शिफ्ट होने का कारण बनता है।
