Microsoft भारत में अपना चौथा क्लाउड रीजन हैदराबाद में स्थापित करने जा रही है। यह नया इंफ्रास्ट्रक्चर खास तौर पर AI वर्कलोड को सपोर्ट करने और पानी की न्यूनतम खपत के साथ कूलिंग करने के लिए डिजाइन किया गया है।
एआई (AI) का नया हब
Microsoft अपनी डेटा सेंटर क्षमता को मजबूत करने के लिए पुणे, चेन्नई और मुंबई के बाद अब हैदराबाद में अपना चौथा क्लाउड रीजन लाने की तैयारी में है। यह विस्तार मुख्य रूप से तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की मांग को पूरा करने के लिए है।
पानी और बिजली का स्मार्ट मैनेजमेंट
निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि इस नए सेंटर को 'जीरो वॉटर' कूलिंग डिजाइन पर तैयार किया जा रहा है। डेटा सेंटर्स में पानी की भारी खपत एक बड़ी चुनौती है, लेकिन इस आधुनिक डिजाइन से कंपनी भविष्य के रेगुलेटरी जोखिमों को कम कर रही है। साथ ही, कंपनी ने भारत में 1 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स करने का लक्ष्य रखा है, जो बिजली की लागत और सप्लाई को स्टेबल रखने में मदद करेगा।
सेक्टर का भविष्य
भारत का डेटा सेंटर सेक्टर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जानकारों का मानना है कि देश की मौजूदा 2 गीगावाट क्षमता 2035 तक 6 से 7 गुना तक बढ़ सकती है। हालांकि, इस भारी-भरकम कैपिटल खर्च के बीच, प्रॉफिटेबिलिटी इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी नई क्षमता का कितना कुशल उपयोग कर पाती है और ग्लोबल मार्केट में अपनी कीमतों को कैसे मैनेज करती है।
अंत में, कंपनी का 2030 तक 'कार्बन नेगेटिव' और 'वॉटर पॉजिटिव' बनने का विजन उसके लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी की दिशा तय करेगा।
