Microsoft के शेयरों में तीसरी तिमाही में **37%** की तूफानी तेजी देखी गई है। कंपनी की क्लाउड सर्विस और AI टूल्स की बढ़ती डिमांड से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिससे कंपनी की मार्केट वैल्यू **$1 ट्रिलियन** बढ़ गई है।
मुनाफे का नया फॉर्मूला
जुलाई से सितंबर 2026 के बीच Microsoft के शेयर में करीब 37% का उछाल आया है। यह उन निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत है जो साल की शुरुआत में कंपनी के भारी-भरकम AI इन्वेस्टमेंट को लेकर आशंकित थे। कंपनी का क्लाउड डिवीजन, Azure, इस तेजी का मुख्य इंजन बना है, जिसकी रेवेन्यू में 43% का उछाल दर्ज किया गया है। इसके अलावा, Microsoft 365 Copilot के 3 करोड़ पेड सीट्स तक पहुँचने ने यह साबित कर दिया है कि कॉरपोरेट क्लाइंट्स अब AI पर खर्च करने के लिए तैयार हैं।
क्या है Microsoft का प्लस पॉइंट?
Alphabet, Amazon और Meta जैसे दिग्गज भी AI पर अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, लेकिन Microsoft की तुलना में उनकी राह थोड़ी अलग है। Microsoft 2026 में एकमात्र ऐसी बड़ी अमेरिकी हाइपरस्केलर कंपनी है जो 'फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव' बनी हुई है। इसका मतलब है कि डेटा सेंटर बनाने पर जो खर्च हो रहा है, कंपनी उससे कहीं ज्यादा कैश अपनी ऑपरेशंस से जेनरेट कर रही है, जो इसे संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के लिए एक सुरक्षित विकल्प बनाता है।
सावधान रहने की जरूरत
इतनी ग्रोथ के बावजूद रिस्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कंपनी का भविष्य 'एजेंटिक' (Agentic) वर्कफ्लो के एडॉप्शन पर टिका है। अगर कॉरपोरेट जगत इन एडवांस फीचर्स को अपनाने में सुस्त रहता है, तो रेवेन्यू ग्रोथ पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, ऊँची ब्याज दरों (Interest Rates) का असर एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर बजट पर पड़ रहा है। वर्तमान में स्टॉक अपने 10 साल के औसत से नीचे, यानी 25 के फॉरवर्ड अर्निंग मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो इसे प्रीमियम वैल्यूएशन वाली श्रेणी में रखता है।
