Microsoft ने भारत समेत वैश्विक स्तर पर अपने कर्मचारियों के लिए एक वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (VEO) पेश किया है। इस कदम का मकसद ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करना है, जिसमें कुछ पदों के लिए **₹11 लाख** तक के पेआउट्स दिए जा रहे हैं।
Microsoft ने अपने वर्कफोर्स को रीअलाइन करने के लिए भारत, अमेरिका, यूके और कनाडा में एक वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम लॉन्च किया है। यह प्रोग्राम मुख्य रूप से Level 70 और उससे नीचे के पदों के लिए है। इस कदम के पीछे की मुख्य वजह AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में भारी निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर रिसोर्सेज को शिफ्ट करना है।
क्या है ऑफर की डिटेल?
रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी की ओर से एक आकर्षक फाइनेंशियल पैकेज दिया जा रहा है। हैदराबाद में एक इंजीनियर के लिए ₹11 लाख तक के पेआउट का मामला सामने आया है। हालांकि कंपनी इसे 'वॉलंटरी' बता रही है, लेकिन टेक इंडस्ट्री में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर दिग्गज कंपनियां किस तरह अपने वर्कफोर्स को कम कर रही हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इन्वेस्टर्स के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि कंपनियां अब लीगेसी डिवीजन्स के बजाय क्लाउड कंप्यूटिंग और AI जैसे हाई-ग्रोथ क्षेत्रों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही हैं। डेटा सेंटर्स और AI डेवलपमेंट के लिए जो भारी-भरकम कैपिटल खर्च हो रहा है, उसकी भरपाई के लिए कंपनियां लेबर कॉस्ट को ऑप्टिमाइज करने की कोशिश कर रही हैं।
यह प्रोग्राम 1 दिसंबर तक खुला रहेगा। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर है कि क्या यह रिस्ट्रक्चरिंग कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन को बेहतर बनाती है, या फिर यह आने वाली तिमाहियों में किसी बड़े बदलाव की आहट है।
