Microsoft के शेयरों में उछाल आया है, कंपनी ने **31%** मुनाफे की बढ़त दर्ज की है। वहीं, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च की घोषणा के बाद Meta के शेयरों में **9%** की गिरावट आई है। निवेशक AI से कमाई की Microsoft की क्षमता को Meta की भारी निवेश प्रतिबद्धता से तौल रहे हैं।
टेक्नोलॉजी सेक्टर में दिखा बड़ा अंतर: Microsoft की जीत, Meta की हार?
टेक्नोलॉजी सेक्टर में आज निवेशकों ने दो बड़ी कंपनियों, Microsoft और Meta Platforms, के नतीजों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। Microsoft के शेयर चढ़े, जबकि Meta के शेयरों में बड़ी गिरावट आई।
Microsoft का क्लाउड बूस्टर और AI मोनेटाइजेशन
Microsoft ने अपने वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर $90 बिलियन रहा। वहीं, नेट इनकम में 31% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह $35.8 बिलियन पर पहुंच गई। इस शानदार नतीजे का श्रेय काफी हद तक कंपनी की क्लाउड सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स को दिया जा रहा है।
Microsoft के क्लाउड डिवीजन ने 27% की ग्रोथ दर्ज की, जिससे $59.3 बिलियन का रेवेन्यू आया। Azure, कंपनी के क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म, में 43% की ग्रोथ देखी गई, जो एंटरप्राइज ग्राहकों द्वारा इसकी सेवाओं को अपनाने का संकेत देता है। इसके अलावा, Microsoft ने बताया कि उसके AI-इंटीग्रेटेड सॉफ्टवेयर, Microsoft 365 Copilot, के 30 मिलियन से ज़्यादा पेड यूजर्स हो गए हैं। यह दर्शाता है कि कंपनी अपने AI निवेश को एक स्थिर आय स्रोत में बदलने में सफल हो रही है, जो शेयरधारकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय था।
Meta Platforms पर लागत का दबाव
इसके विपरीत, Meta Platforms के शेयरों में प्री-मार्केट ट्रेडिंग में लगभग 9% की गिरावट आई। सोशल मीडिया दिग्गज ने 28% की वृद्धि के साथ $60.8 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, लेकिन इसका नेट इनकम 14% घटकर $15.8 बिलियन रह गया। लाभप्रदता में यह गिरावट मुख्य रूप से कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चों में 55% की भारी बढ़ोतरी से जुड़ी थी।
बाजार की प्रतिक्रिया Meta के 2026 के लिए अपने अनुमानित पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को $130 बिलियन से $145 बिलियन के बीच बढ़ाने के फैसले पर आई। यह फैसला दर्शाता है कि Meta आक्रामक रूप से अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को प्राथमिकता दे रही है, भले ही इसका अल्पकालिक मार्जिन पर असर पड़े। कंपनी के पास अपने सभी ऐप्स पर 3.6 बिलियन दैनिक सक्रिय यूजर्स का एक बड़ा यूजर बेस है, लेकिन निवेशक इस भारी-भरकम खर्च पर रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) को लेकर चिंतित हैं। Microsoft के विपरीत, जहां AI सीधे क्लाउड और सॉफ्टवेयर रेवेन्यू ग्रोथ को बढ़ा रहा है, Meta का AI खर्च फिलहाल लंबी अवधि के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर केंद्रित है।
निवेशकों के लिए, भविष्य में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों कंपनियां भारी पूंजीगत व्यय और लाभ मार्जिन बनाए रखने के बीच कैसे संतुलन बनाती हैं। जबकि Microsoft ने दिखाया है कि उसका AI-संचालित इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से ही टॉप-लाइन ग्रोथ का समर्थन कर रहा है, Meta के लिए मुख्य फोकस यह देखना होगा कि क्या खर्च में यह महत्वपूर्ण वृद्धि अंततः इसी तरह के वित्तीय लाभ में तब्दील होती है।
