Microsoft ने तिमाही नतीजों में **$92.3 बिलियन** का रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **19%** ज्यादा है। क्लाउड और AI सेक्टर में जबरदस्त ग्रोथ के बावजूद कंपनी का कंज्यूमर हार्डवेयर सेगमेंट सुस्त पड़ा है।
मुनाफे का नया रिकॉर्ड
Microsoft के हालिया नतीजों ने बाजार की उम्मीदों को पार कर लिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 32% उछलकर $36.6 बिलियन पहुंच गया है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी का क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा दांव मुख्य वजह रहा है।
क्लाउड बिजनेस बना इंजन
कंपनी का क्लाउड बिजनेस कमाई का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है। इसने कुल $63.9 बिलियन का रेवेन्यू जेनरेट किया। इसमें Azure का योगदान $33.2 बिलियन रहा, जबकि Microsoft 365 ने $28 बिलियन की कमाई की। OpenAI के साथ साझेदारी का असर भी नतीजों में दिखा, जिसने रेवेन्यू में $10 बिलियन का योगदान दिया। कंपनी का कमर्शियल बैकलाग 73% उछलकर $677 बिलियन पर पहुंच गया है, जो आने वाले समय के लिए एक मजबूत संकेत है।
कंज्यूमर सेगमेंट में सुस्ती
एक तरफ क्लाउड का जलवा है, तो दूसरी तरफ कंज्यूमर और डिवाइस डिवीजन दबाव में है। विंडोज OEM और डिवाइस सेल्स में 22% की गिरावट के चलते इस सेगमेंट के रेवेन्यू में 3% की कमी आई है। यह साफ दिखाता है कि कॉर्पोरेट सेक्टर में क्लाउड और AI की मांग तो है, लेकिन पर्सनल कंप्यूटिंग हार्डवेयर की खपत अभी कमजोर बनी हुई है।
रिस्क और निवेश
AI की रेस में आगे रहने के लिए Microsoft ने अपना कैपिटल स्पेंडिंग रिकॉर्ड $45.2 बिलियन तक बढ़ा दिया है। यह पैसा मुख्य रूप से नए डेटा सेंटर्स और AI हार्डवेयर पर खर्च हो रहा है। निवेशकों के लिए अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह भारी-भरकम खर्च भविष्य में कंपनी के मुनाफे के मार्जिन (Profit Margins) को प्रभावित करेगा या फिर क्लाउड से होने वाली कमाई इस खर्च को सही साबित करेगी। बाजार की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी अपनी इस आक्रामक ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच कैसे संतुलन बनाए रखती है।
