नार्वेजियन डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने Microsoft की एड-टेक यूनिट Xandr पर **$9.6 मिलियन** (करीब **92 मिलियन क्रोनर**) का भारी जुर्माना लगाया है। कंपनी पर **2018** से **2020** के बीच संवेदनशील यूजर डेटा को अवैध रूप से शेयर करने का आरोप है।
नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई
नार्वेजियन रेगुलेटर की जांच में सामने आया है कि 2018 से 2020 के बीच ऑटोमेटेड एडवरटाइजिंग ऑक्शन के दौरान यूजर्स की संवेदनशील निजी जानकारी, जिसमें यौन रुझान (sexual orientation) से जुड़ी जानकारी भी शामिल थी, उसे बिना वैध सहमति के थर्ड-पार्टी एडवरटाइजर्स के साथ शेयर किया गया। यह डेटा मुख्य रूप से Grindr ऐप के यूजर्स से जुड़ा था।
इंटरमीडियरीज की जिम्मेदारी तय
यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि रेगुलेटर ने Xandr के उस तर्क को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने खुद को यह कहते हुए सुरक्षित बताया था कि वह केवल एक मध्यस्थ (intermediary) है और डेटा सहमति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ऐप की थी। इस फैसले से अब एड-टेक इंडस्ट्री में यह कानूनी नजीर बन गई है कि डेटा चेन में शामिल कंपनियों को अपनी जवाबदेही आउटसोर्स करने की अनुमति नहीं होगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी
यूरोप में GDPR जैसे सख्त प्राइवेसी नियमों के चलते एड-टेक सेक्टर अब रेगुलेटर्स के रडार पर है। कंपनियों के लिए अब डेटा की लाइनज (lineage) की ऑडिटिंग और अनुपालन लागत बढ़ना तय है, जिसका सीधा असर उनके मार्जिन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर पड़ सकता है।
हालांकि Microsoft ने यह स्पष्ट किया है कि ये उल्लंघन 2022 में अधिग्रहण से पहले हुए थे, लेकिन फिर भी इस तरह के 'लीगेसी लायबिलिटी' वाले मामले बड़ी टेक कंपनियों के लिए भविष्य में नए जोखिम पैदा कर सकते हैं। Xandr के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 3 हफ्ते का समय है।
