Microsoft के निवेशकों के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। कंपनी के शेयर **15%** से ज़्यादा उछले, जिससे मार्केट कैप में रिकॉर्ड **$450 अरब** (लगभग ₹37.5 लाख करोड़) की बढ़ोतरी हुई। यह उछाल कंपनी के Azure क्लाउड बिजनेस में **45%** की जोरदार ग्रोथ के अनुमान के बाद आया है।
Microsoft का मार्केट कैप नई ऊंचाई पर
गुरुवार को Microsoft का मार्केट कैप लगभग $450 अरब (लगभग ₹37.5 लाख करोड़) बढ़ गया। यह कंपनी के इतिहास में एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त है, जिसने Nvidia के अप्रैल 2025 के $441 अरब के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। इस उछाल के बाद, Microsoft का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन $3.35 ट्रिलियन (लगभग ₹278 लाख करोड़) को पार कर गया।
AI में भारी निवेश का असर
शेयरों में आई यह तेज़ी कंपनी द्वारा जारी फाइनेंशियल अपडेट के बाद आई है। इस अपडेट ने निवेशकों की चिंताओं को दूर किया है, जो डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर Microsoft के भारी खर्च को लेकर चिंतित थे। पहले यह डर था कि अगर डिमांड उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी तो ज़्यादा कैपिटल स्पेंडिंग (बुनियादी ढांचे और विस्तार के लिए आवंटित पैसा) मुनाफे को नुकसान पहुंचा सकती है।
हालांकि, कंपनी की नई भविष्यवाणी के अनुसार, Azure क्लाउड बिजनेस में 45% की ग्रोथ का अनुमान है (कांस्टेंट-करेंसी बेसिस पर), जो एनालिस्टों के 40.92% के अनुमान से कहीं बेहतर है। इससे संकेत मिलता है कि AI पर कंपनी का दांव सफल हो रहा है और एंटरप्राइज कस्टमर्स को आकर्षित कर रहा है।
कैपिटल स्पेंडिंग और भविष्य की रणनीति
Microsoft अपनी आक्रामक निवेश रणनीति पर कायम है। कंपनी वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अकेले कैपिटल प्रोजेक्ट्स पर $50 अरब (लगभग ₹4.16 लाख करोड़) खर्च करने की योजना बना रही है। कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए, कंपनी ने कुल कैपिटल स्पेंडिंग का लक्ष्य $175 अरब (लगभग ₹14.5 लाख करोड़) रखा है।
हालांकि ये आंकड़े भारी नकदी के इस्तेमाल का संकेत देते हैं, लेकिन मार्केट की सकारात्मक प्रतिक्रिया बताती है कि निवेशक अब अल्पावधि में कैश फ्लो के दबाव की चिंताओं के बजाय AI-संचालित मांग को भुनाने की कंपनी की क्षमता को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इस उछाल से पहले, Microsoft के शेयर 2026 में 18% से ज़्यादा गिर चुके थे। यह हालिया बढ़ोतरी प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के मुकाबले अंतर को कम करने में मदद करती है, जिन्होंने साल के बड़े हिस्से में बाज़ार में दबदबा बनाए रखा है। इस घोषणा के बाद, कम से कम नौ ब्रोकरेज फर्मों ने अपने आउटलुक को समायोजित किया है, जिससे स्टॉक के लिए औसत टारगेट प्राइस बढ़ाकर $560.90 (लगभग ₹46,700) कर दिया गया है।
निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी अपनी बड़े पैमाने की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती है। आने वाली तिमाहियों के लिए मुख्य निगरानी यह होगी कि क्या Azure और AI सेवाओं से वास्तविक रेवेन्यू ग्रोथ इन ऊंची उम्मीदों को पूरा करती रहती है, क्योंकि क्लाउड डिमांड में किसी भी तरह की मंदी का संकेत बाज़ार की भावना को तेज़ी से बदल सकता है, खासकर जारी कैपिटल स्पेंडिंग को देखते हुए।
