Microsoft India के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव कुमार ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का ग्लोबल हब बनाने का खाका पेश किया है। कंपनी अब AI का इस्तेमाल रेल सेफ्टी और ह्यूमन प्रोडक्टिविटी बढ़ाने जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में करने पर जोर दे रही है।
भारत की बढ़ती भूमिका
Microsoft India Development Center के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव कुमार के मुताबिक, भारत ग्लोबल AI इनोवेशन का केंद्र बनने की राह पर है। हाल ही में एक इंफ्रास्ट्रक्चर समिट के दौरान उन्होंने साफ किया कि भारत की भूमिका अब केवल सपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह ग्लोबल AI प्रोजेक्ट्स का एक मुख्य आधार बनेगा।
नई स्ट्रेटेजी: काम का तरीका बदलेगा
Microsoft का विजन AI को केवल इंसानी काम के विकल्प के तौर पर देखने का नहीं है, बल्कि इसे ह्यूमन कैपेबिलिटी बढ़ाने वाले टूल की तरह देखा जा रहा है। निवेशकों के लिए यह एक अहम संकेत है कि कैसे बड़ी कंपनियां अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही हैं।
इंडस्ट्री पर असर और चुनौतियां
रेलवे सिस्टम में AI-पावर्ड वीडियो एनालिसिस इसका एक बड़ा उदाहरण है, जिससे इक्विपमेंट खराब होने की पहचान जल्दी हो सकेगी। हालांकि, कंपनियों के सामने एक बड़ी चुनौती है—पुरानी लेगेसी सिस्टम्स के साथ नई AI टेक्नोलॉजी को बैलेंस करना। जो कंपनियां इस तालमेल को सही से मैनेज कर पाएंगी, उनकी प्रोडक्टिविटी और ग्रोथ में 10% से ज्यादा का उछाल देखने को मिल सकता है।
निवेशकों को उन IT सर्विस सेक्टर की कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जो इस तरह के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काम कर रही हैं, क्योंकि यह आने वाले समय में कॉरपोरेट परफॉर्मेंस को नई दिशा देने वाला है।
