टेक दिग्गज Microsoft ने अपने करीब 4,800 कर्मचारियों को निकालने का ऐलान किया है। इस छंटनी का सबसे बड़ा असर Xbox डिवीजन पर पड़ेगा, जहां 3,200 लोगों को नौकरी से निकाला जाएगा। यह कदम कंपनी के गेमिंग यूनिट में भारी वित्तीय दबाव और AI पर फोकस बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
Microsoft में बड़ा फेरबदल: 4,800 कर्मचारियों की छंटनी
Microsoft ने अपने वैश्विक पुनर्गठन (Global Restructuring) की घोषणा की है, जिसके तहत कंपनी अपने लगभग 2.1% कर्मचारियों, यानी 4,800 लोगों को नौकरी से निकालेगी। इस बड़े फैसले का सबसे ज्यादा असर गेमिंग डिवीजन, Xbox पर पड़ने वाला है, जहां 3,200 कर्मचारियों को निकाला जाएगा। यह संख्या Xbox यूनिट के कुल कर्मचारियों का लगभग 20% है। कंपनी अपने वित्तीय प्रदर्शन को सुधारने और भविष्य की रणनीति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए यह कदम उठा रही है।
गेमिंग यूनिट पर वित्तीय दबाव
Xbox डिवीजन के लीडरशिप ने कर्मचारियों को भेजे एक संदेश में बताया है कि यह यूनिट गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, गेमिंग प्लेटफॉर्म और पब्लिशिंग के क्षेत्र में इंडस्ट्री के मानकों की तुलना में मार्जिन काफी कम रहा है। Xbox लीडरशिप के मुताबिक, हर 1 डॉलर के निवेश पर 64 सेंट का घाटा हो रहा है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए, कंपनी ने 4 गेमिंग स्टूडियो को बेचने का फैसला किया है और डिवीजन में वेंडर खर्चों में 50% की कटौती की जाएगी।
ऑपरेशनल ओवरहाल और AI पर फोकस
कर्मचारियों की छंटनी के अलावा, Microsoft अपने मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में भी बड़े बदलाव कर रहा है। कंपनी अपनी हायरार्की को सरल बनाने की योजना बना रही है, जिसमें मैनेजमेंट लेयर्स को 14 से घटाकर अधिकतम 5 कर दिया जाएगा, और कुछ हिस्सों में केवल 3 लेयर्स होंगी। इसका मकसद कार्यकुशलता बढ़ाना और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करना है। ये सभी बदलाव Microsoft की उस बड़ी कॉरपोरेट रीअलाइनमेंट का हिस्सा हैं, जिसके तहत कंपनी अपना निवेश और ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ा रही है, जिसे वह विकास का मुख्य जरिया मानती है।
भविष्य का रोडमैप
हालांकि यह पुनर्गठन महत्वपूर्ण है, लीडरशिप ने संकेत दिया है कि संगठन के अन्य हिस्सों में भी और बदलाव हो सकते हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह छंटनी सीधे तौर पर AI द्वारा मानव श्रम की जगह लेने के कारण नहीं है, लेकिन यह भी माना है कि रूटीन कामों के लिए ऑटोमेटेड टूल्स को अपनाने से कर्मचारियों को नए कौशल सीखने होंगे। निवेशक अब आगामी तिमाही नतीजों में इन लागत-बचत उपायों का कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर पड़ने वाले प्रभाव को देखेंगे। गेमिंग बिजनेस के लिए मुख्य चुनौती चार स्टूडियो को बेचने और परिचालन खर्चों को कम करने के बाद लाभप्रदता को स्थिर करना होगा।
