गेमिंग सेक्टर में खर्च और कमाई के तालमेल को बिठाने के लिए Microsoft ने अपने Xbox डिवीज़न में **268** कर्मचारियों की छंटनी की है। कंपनी अपनी मैनेजमेंट लेयर्स को छोटा कर रही है ताकि ऑपरेशनल कॉस्ट कम की जा सके।
Microsoft अपने गेमिंग डिवीज़न को और अधिक कुशल बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। ताजा कदम के तहत कंपनी ने 268 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। मैनेजमेंट का मानना है कि कंपनी का स्ट्रक्चर पहले काफी 'ब्लोटेड' था, यानी बहुत ज्यादा रिपोर्टिंग लेयर्स थीं, जिसे अब सुव्यवस्थित (Streamline) किया जा रहा है।
निवेशकों की चिंता क्यों?
बीते 5 सालों में Microsoft ने गेमिंग इकोसिस्टम पर $20 बिलियन (करीब ₹1.66 लाख करोड़) से ज्यादा का निवेश किया है। समस्या यह है कि भारी-भरकम खर्च के मुकाबले रेवेन्यू ग्रोथ उस रफ्तार से नहीं मिल पा रही है। कंपनी अब रिडंडेंसी खत्म करने के लिए Halo जैसे बड़े टाइटल्स को Activision की देखरेख में ला रही है, जबकि Obsidian को Bethesda के अधीन किया गया है ताकि रिसोर्सेज का बेहतर इस्तेमाल हो सके।
Game Pass और हार्डवेयर की चुनौती
पोस्ट-पेंडमिक दौर में गेमिंग इंडस्ट्री एक करेक्शन से गुजर रही है। Microsoft का प्रमुख दांव 'Game Pass' सब्सक्रिप्शन सर्विस पर है, जिसकी ग्रोथ उम्मीद से धीमी रही है। साथ ही, हार्डवेयर कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल रही है। Activision Blizzard और ZeniMax जैसे बड़े अधिग्रहणों के बाद, अब कंपनी का फोकस 'हायर हेडकाउंट' मॉडल से हटकर 'lean-and-efficient' मॉडल की ओर शिफ्ट हो रहा है।
निवेशक अब कंपनी के अगले क्वार्टरली रिजल्ट्स पर नजरें गड़ाए बैठे हैं, ताकि यह पता चल सके कि क्या ये कॉस्ट-कटिंग उपाय वास्तव में कंपनी के मार्जिन और मुनाफे को पटरी पर लाने में सफल हो रहे हैं।
