टेक दिग्गजों Microsoft और Amazon ने भारत में साल 2030 तक **$65.5 बिलियन** के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है। यह कदम देश को AI और क्लाउड तकनीक का ग्लोबल हब बनाने के इरादे से उठाया गया है।
बड़े निवेश की पूरी तस्वीर
Seattle में आयोजित 'Ideas4India' फोरम में इन निवेश योजनाओं को अंतिम रूप दिया गया है। Microsoft ने साल 2026 से 2029 के बीच $17.5 बिलियन खर्च करने की योजना बनाई है, जिसका मुख्य केंद्र उसका Azure क्लाउड प्लेटफॉर्म और AI रिसर्च है। वहीं, Amazon ने साल 2026 से 2030 तक $48 बिलियन का बड़ा कमिटमेंट किया है, जो मुख्य रूप से मुंबई और हैदराबाद जैसे हब में AWS डेटा सेंटर्स की क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इतनी बड़ी पूंजी का आना यह साफ संकेत देता है कि वैश्विक टेक कंपनियां भारत को आने वाले समय में एक मुख्य 'टेक्नोलॉजी पावरहाउस' के रूप में देख रही हैं। इसका असर केवल टेक शेयरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि:
- रियल एस्टेट: डेटा सेंटर्स के लिए बड़े स्तर पर जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ेगी।
- पावर सेक्टर: हाई-टेक डेटा सेंटर्स के लिए बिजली की भारी खपत होगी, जिससे पावर यूटिलिटी कंपनियों को फायदा हो सकता है।
- स्किल लेबर: सेमीकंडक्टर डिजाइन और क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए स्पेशलाइज्ड इंजीनियर्स की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी तय है।
भारत-अमेरिका साझेदारी की ताकत
यह पूरा निवेश 'India-US TRUST Initiative' के तहत हो रहा है, जिसका उद्देश्य सामरिक क्षेत्रों में सहयोग को आसान बनाना है। इसके जरिए रेगुलेटरी रुकावटों को कम किया जा रहा है ताकि डेटा और टेक्नोलॉजी का फ्लो तेज हो सके। अब मार्केट की नजरें इस बात पर हैं कि ये प्रोजेक्ट्स कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं और भारत का पावर और टैलेंट इकोसिस्टम इसे कैसे सपोर्ट करता है।
