Micron Technology ने अपनी सानंद फैसिलिटी में प्रोडक्शन बढ़ाने का बड़ा ऐलान किया है। कंपनी 2026 तक सालाना प्रोडक्शन को लाखों से बढ़ाकर करोड़ों यूनिट तक ले जाने की तैयारी में है।
बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी
Micron Technology भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। वर्तमान में सानंद, गुजरात स्थित यूनिट शुरुआती कमर्शियल प्रोडक्शन फेज में है, लेकिन कंपनी का लक्ष्य इसे 2026 तक हाई-वॉल्यूम आउटपुट हब बनाने का है। इससे कंपनी का सालाना उत्पादन लाखों से बढ़कर 'सैकड़ों मिलियन' (करोड़ों) यूनिट्स तक पहुंच जाएगा।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का फायदा
यह प्रोजेक्ट सरकार के 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत संचालित हो रहा है। CEO संजय मेहरोत्रा के अनुसार, सानंद प्लांट पहले ही DRAM और NAND प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि यह प्लांट अब इतना सक्षम हो चुका है कि भारत के लैपटॉप मार्केट की पूरी मेमोरी चिप की जरूरत को अकेले ही पूरा कर सकता है।
AI और R&D का इंजन
इस विस्तार के पीछे मुख्य वजह AI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स की बढ़ती ग्लोबल डिमांड है। कंपनी के बेंगलुरु और हैदराबाद स्थित R&D सेंटर्स इस सफलता में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं, जहां अब तक 3,700 से ज्यादा पेटेंट्स पर काम हो चुका है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मेमोरी चिप मार्केट का नेचर साइक्लिक होता है। DRAM और NAND की कीमतें ग्लोबल सप्लाई-डिमांड के हिसाब से बदलती रहती हैं, जो कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि सानंद प्लांट का विस्तार कंपनी की कॉस्ट स्ट्रक्चर में सुधार ला सकता है, लेकिन लंबी अवधि में सफलता ग्लोबल प्राइसिंग और प्रोडक्शन की रफ्तार पर निर्भर करेगी।
