US-based चिपमेकर Micron Technology ने ताइवान में हड़ताल के खतरे को भांपते हुए अपने कर्मचारियों के लिए भारी-भरकम बोनस का ऐलान किया है। कर्मचारियों को **68 महीने** तक के वेतन के बराबर बोनस दिया जा रहा है ताकि AI चिप्स की सप्लाई चेन बाधित न हो।
भारी बोनस से हड़ताल टालने की कोशिश
Micron Technology ने अपने ताइवान के वर्कफोर्स को खुश करने के लिए एक बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने 35 से 68 महीने के वेतन के बराबर का बोनस पैकेज ऑफर किया है। यह कदम कंपनी के 15,000 कर्मचारियों की संभावित हड़ताल को रोकने के लिए उठाया गया है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती डिमांड के बीच हाई-एंड मेमोरी चिप्स के प्रोडक्शन को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है।
मुनाफे पर क्या होगा असर?
यह बोनस कैश इंसेंटिव और इक्विटी ग्रांट्स का मिश्रण है। मैनेजमेंट का मानना है कि प्रोडक्शन में देरी से बचने के लिए यह खर्च जरूरी था, लेकिन इसने बैलेंस शीट पर ऑपरेटिंग कॉस्ट का बोझ काफी बढ़ा दिया है। इन्वेस्टर्स अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या कंपनी इन बढ़े हुए खर्चों के बावजूद अपने मार्जिन को बनाए रख पाएगी।
कॉम्पिटिशन की चुनौती
ताइवान का प्लांट कंपनी के लिए बेहद अहम है, खासकर HBM (High Bandwidth Memory) के प्रोडक्शन के लिए, जो AI सिस्टम्स की जान है। कंपनी को डर है कि अगर प्रोडक्शन में कोई भी दिक्कत आई, तो वे Samsung Electronics और SK Hynix जैसे दक्षिण कोरियाई प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले पिछड़ सकते हैं। मार्केट स्टैंडर्ड्स के हिसाब से सैलरी एडजस्ट करना अब माइक्रोन की मजबूरी बन गया था ताकि वे टैलेंट को अपने पास बनाए रख सकें। अब शेयरहोल्डर्स की निगाहें कंपनी के अगले फाइनेंशियल नतीजों पर हैं कि यह खर्च प्रॉफिटेबिलिटी को कितना प्रभावित करता है।
